भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रपति ने उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया है। नियुक्ति की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई।
लखनऊ के पूर्व महापौर और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा वर्तमान में राज्यसभा सांसद थे। राष्ट्रपति भवन की ओर से शनिवार देर रात जारी अधिसूचना के मुताबिक, उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी, जिस दिन वह उपराज्यपाल पद का कार्यभार संभालेंगे। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। अंडमान-निकोबार में विकास, पर्यटन और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात भी उन्होंने कही।
डॉ. दिनेश शर्मा लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। वर्ष 2017 से 2022 तक वह योगी आदित्यनाथ सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे। इस दौरान उनके पास माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही। राजनीति में आने से पहले वह लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर रहे। इसके बाद उन्होंने लखनऊ के महापौर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली और भाजपा संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वर्ष 2023 में वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। अंडमान में सामने होंगी बड़ी चुनौतियां
अंडमान एवं निकोबार रणनीतिक और विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां बुनियादी ढांचे, पर्यटन, कनेक्टिविटी और द्वीपों के समग्र विकास से जुड़े कई बड़े मुद्दे हैं। ऐसे में डॉ. दिनेश शर्मा के लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव की नई जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है। यूपी की राजनीति में भी चर्चा तेज
डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। इसी वजह से उनकी नियुक्ति को राजनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह एक संवैधानिक नियुक्ति है और उनकी नई भूमिका अंडमान एवं निकोबार के प्रशासन से जुड़ी होगी।