एफएलएन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को साइबर अपराध, बाल अधिकार एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने मोबाइल और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के साथ विद्यार्थियों को भी इन विषयों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी शिक्षकों को समझाई।
बीआरसी बड़ोखर खुर्द में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवराज सिंह तथा सड़क सुरक्षा मंडल अधीक्षक पीयूष त्रिपाठी ने शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव, बाल सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल सावधानी के साथ किया जाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से मोबाइल की गोपनीयता बनाए रखने तथा ओटीपी, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की। उन्होंने बच्चों की तस्वीरों के अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने मोबाइल खराब होने की स्थिति में उसे किसी अनधिकृत व्यक्ति को बेचने के बजाय उसमें मौजूद निजी एवं संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित तरीके से नष्ट कराने की जरूरत बताई। विद्यालयों में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए शिक्षकों को लापरवाही से बचने की सलाह दी। प्रशिक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने शिक्षकों से साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों की जानकारी परखी गई और सही जवाब देने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित किया गया। सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर
सड़क सुरक्षा मंडल अधीक्षक पीयूष त्रिपाठी ने यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को भी सड़क पर सुरक्षित व्यवहार और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।