महंगाई के बढ़ते बोझ को लेकर सद्भावना सेवा मंच ने सरकार से आम जनता को राहत देने की मांग उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण, जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तथा गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए राहत की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सद्भावना सेवा मंच के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ‘राजा’ के नेतृत्व में मंगलवार को पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में खाद्य सामग्री, चीनी, सब्जी, दाल, तेल, रसोई गैस, बिजली, पेट्रोल-डीजल, शिक्षा, चिकित्सा और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुओं व सेवाओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई गई। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि महंगाई के कारण आम नागरिक, मजदूर, किसान, छोटे व्यापारी, नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। सीमित आय में परिवार का मासिक खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी निगरानी और नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी पर हो सख्त कार्रवाई
ज्ञापन में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों की नियमित निगरानी और प्रभावी नियंत्रण की मांग की गई। जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई।
मंच ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आवश्यक वस्तुओं पर अधिक राहत देने, रसोई गैस और बिजली की बढ़ती कीमतों से जनता को राहत दिलाने तथा बाजारों में उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की। किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत की मांग
ज्ञापन में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुएं उचित दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई। महंगाई से प्रभावित गरीब, मजदूर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष राहत योजनाएं लागू करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख महासचिव कुदरत उल्ला, कोषाध्यक्ष वृंदावन वैश्य, उपाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ‘राजू’, महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा खान, वीरेंद्र गुप्ता ‘बाबू’, सौरभ लक्षकार, मनी कश्यप, साजिद ‘डॉलर’, रहीस खान, नेतराम वर्मा, पीयूष गुप्ता ‘चंचल’, पंडित हर्षित, गोलू सविता, नीरज अनुरागी, अर्जुन अनुरागी, हिमांशु वैश्य, अवधेश सोनी आदि मौजूद रहे।