रेल यात्रा के दौरान गुम हुआ महिला यात्री का पर्स आरपीएफ ने सुरक्षित रखकर उसे वापस सौंप दिया। पर्स में करीब 65 हजार रुपये कीमत के सोने के कुंडल, 1620 रुपये नकद और दवाएं थीं। करीब 70 हजार रुपये का सामान वापस मिलने पर महिला यात्री ने आरपीएफ का आभार जताया।
बांदा। रागौल रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ ने महिला यात्री का लावारिस मिला पर्स उसके सुपुर्द किया। 24 अगस्त को पत्रकार राकेश निगम को स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में एक लेडीज पर्स मिला था। उन्होंने पर्स को ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक पप्पू, रमजान खान और आरक्षक अनिल कुमार की मौजूदगी में स्टेशन प्रबंधक को सौंप दिया।
हमीरपुर के मौदहा थाना क्षेत्र के गुसियारी गांव निवासी गुलब्शा पत्नी अरशद, उम्र 21 वर्ष, आरपीएफ चौकी रागौल पहुंचीं। उन्होंने अपना टिकट दिखाकर बताया कि वह 24 अगस्त को ट्रेन संख्या 12535 से लखनऊ से रागौल आई थीं। इसी दौरान उनका पर्स स्टेशन पर कहीं गिर गया था। उनके मामा असरार अहमद को आरपीएफ की ओर से पर्स मिलने की जानकारी मिली थी। पहचान के बाद खोला गया पर्स
प्रभारी निरीक्षक सुरुचि दुवेदी के पर्यवेक्षण में आरपीएफ ने महिला की पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद महिला के सामने पर्स की जांच कराई गई। इसमें करीब पांच ग्राम वजन के सोने के कान के कुंडल, जिनकी अनुमानित कीमत 65 हजार रुपये बताई गई, दवाएं और 1620 रुपये नकद मिले। पर्स में मौजूद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 70 हजार रुपये थे। पर्स मिलते ही खिल उठा महिला का चेहरा
सभी सामान सुरक्षित मिलने के बाद आरपीएफ ने गवाहों की मौजूदगी में पर्स समेत पूरा सामान और नकदी गुलब्शा को सौंप दी। पर्स वापस पाकर महिला यात्री काफी खुश हुईं। उन्होंने आरपीएफ के इस कार्य की सराहना करते हुए आभार जताया। आरपीएफ की ओर से यात्रियों के छूटे सामान को सुरक्षित वापस पहुंचाने के लिए ऑपरेशन अमानत चलाया जा रहा है।