जनभागीदारी के जरिए सेवा, स्वच्छता और जनकल्याण की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए एक माह तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ आम नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं और युवाओं को जोड़ते हुए विभिन्न जागरूकता एवं सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है।
शासन के निर्देश पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर जिला स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों द्वारा सुबह सात बजे अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत सहायक, सफाई कर्मी सहित अन्य ग्राम स्तरीय कर्मचारी ग्रामीणों को जागरूक कर अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित कराएंगे। ग्रामीण परिसंपत्तियों और सार्वजनिक स्थानों पर भी दीप प्रज्ज्वलन कराया जाएगा। विद्यार्थियों और लाभार्थियों की होगी सक्रिय भागीदारी
अभियान के तहत विद्यालयों में रंगोली, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रमों की फोटो एवं वीडियो निर्धारित पोर्टल पर अपलोड कराई जाएंगी।
मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय ने अभियान की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संबंधित विभागों को नोडल विभाग बनाया गया है। 17 सितंबर से सात अक्टूबर तक ‘मेरे सपनों का भारत-चित्रसेवा’ कार्यक्रम होगा, जिसमें बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग नोडल विभाग रहेंगे।
‘नमो सेवा’ कार्यक्रम के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक, जन-जागरूकता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 25 सितंबर से सात अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय उत्सव एवं संवाद कार्यक्रम होंगे। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, आशा दीदियों और उत्कृष्ट लाभार्थी माताओं की सहभागिता रहेगी। साथ ही ‘हेल्दी बेबी’ प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण भी कराया जाएगा।
लाभार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को प्रदर्शित करने के लिए 30 से 60 सेकंड की डिजिटल रील तैयार कराई जाएगी। इसमें लाभार्थी का नाम, स्थान, जिला और योजना से संबंधित जानकारी शामिल होगी। जिलाधिकारी ने विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट रील निर्माताओं को चिन्हित कर विषयपरक रील तैयार कराने और निर्धारित पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश दिए। स्वच्छता, रक्तदान और श्रमदान पर रहेगा जोर
सात अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा- विकसित भारत का संकल्प’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों और नगरीय निकायों में वृक्षारोपण, साफ-सफाई, विशेष स्वच्छता अभियान, रक्तदान और श्रमदान जैसे जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने सभी विकासखंड एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों को ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत अपनी कार्ययोजना समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विकासखंड स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी डीआरडीए राजेश, उपायुक्त एनआरएलएम दिवाकर सिंह, जिला विकास अधिकारी, मुख्य कोषाधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी पुष्पेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला सूचना अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत मौजूद रहे।