नगर निकायों में चल रहे विकास कार्यों की जिलाधिकारी ने गहन समीक्षा की। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि कहीं भी जलभराव की स्थित नहीं होनी चाहिए। पेयजल आपूर्ति एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नगर निकायों द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं जनहितकारी कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में डीएम ने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजनो को मूलभूत नागरिक सुविधाए एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाए। वंदन योजना,आकांक्षी नगर योजना,मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना,नगरीय झील,तालाब एवं पोखर संरक्षण योजना सीवरेज एवं जल निकासी योजना,पेयजल व्यवस्था योजना,अमृत 2.0
पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना,पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर विकास योजना,कान्हा गौशाला
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) स्वच्छ भारत मिशन 2.0,उपवन योजना,अत्येष्टि स्थल विकास योजना,15वां वित्त आयोग (टाइड एवं अनटाइड) गृहकर एवं जलकर वसूली आदि की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी के प्रमुख निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्रों में किसी भी स्थिति में जलभराव न होने पाए। जहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है,वहां तात्कालिक कार्ययोजना बनाकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
यदि किसी क्षेत्र में जलभराव के कारण नागरिकों के घरों में पानी भरता है और उन्हें समस्या होती है,तो संबंधित अधिशासी अधिकारियों के उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। सभी अधिशासी अधिकारी अपने-अपने नगर निकायों का स्थलीय निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था का सत्यापन करें। जिन वार्डों में पेयजल आपूर्ति बाधित अथवा अपर्याप्त है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। नागरिकों को पेयजल एवं सफाई व्यवस्था से संबंधित किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विकास के साथ साथ योजनाओं के कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। कर एवं जलकर वसूली में प्रगति लाते हुए नगर निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि नगर निकायों का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए तथा जनसमस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में प्रभारी अधिकारी नगरी निकाय माया शंकर यादव अपर जिलाधिकारी न्यायिक उपस्थित रहे।