सम्भावित बाढ़ को लेकर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों बेहद सतर्क हैं। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए गांव के पांच सदस्यीय निगरानी दल का गठन किये जाने के साथ डीएम ने पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद के पैलानी तहसील के ग्राम नांदादेव मजरा शंकरपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बाढ़ पूर्व बचाव एवं तैयारियों के संबंध में चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद,जिलाधिकारी अमित आसेरी,पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल एवं मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व कुमार धर्मेंद्र ने सहभागिता करते हुए ग्रामीणों से संवाद किया तथा बाढ़ से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। राज्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा प्रत्येक आवश्यक व्यवस्था समय रहते पूरी कर ली जाए। उन्होंने शंकरपुरवा के कच्चे मार्गों पर जलभराव की समस्या को देखते हुए तत्काल लाल मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए। डीएम अमित आसेरी ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पशुओं की टैगिंग,अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था, चकरोडों से अतिक्रमण हटाने, ढीले विद्युत तारों को दुरुस्त कराने तथा एक घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को हटाने की मांग रखी। डीएम ने सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में पीए सिस्टम एवं सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। ताकि आपदा के समय सूचना तंत्र प्रभावी बना रहे। उन्होंने जल निगम को एक सप्ताह के भीतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पवन पटेल ने अवगत कराया कि स्वास्थ्य विभाग की 18 मेडिकल टीमें गठित कर दी गई हैं तथा क्लोरीन,ब्लीचिंग पाउडर सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। संभावित प्रसव वाली महिलाओं का भी पूर्व चिन्हीकरण कर आवश्यक तैयारी कर ली गई है।
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के टीकाकरण, जियोटैगिंग तथा भूसा-चारा की समुचित व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बुधवार से तीन विशेष टीमें लगाकर प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट आपदा प्रबंधन सेल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम पैलानी अंकित वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर चकरोडों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि आगामी बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए पीएसी एवं पुलिस बल को पहले से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों से भी प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।जिलाधिकारी ने गांव के पांच जिम्मेदार नागरिकों की एक निगरानी समिति गठित कर बाढ़ की प्रत्येक गतिविधि की सूचना तत्काल एसडीएम पैलानी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पिछले वर्षों में आई समस्याओं की पुनरावृत्ति न होने के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह,क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह,थाना प्रभारी पैलानी राममोहन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।