खनन पट्टा क्षेत्र के आस-पास पट्टाधारक वृक्षारोपण कराये। पट्टे के आस-पास भूमि की अनुपलब्धता होने पर तहसील के माध्यम से भूमि उपलब्ध करायी जायेगी। उपरोक्त निर्देश आयोजित बैठक में एडीएम ने दिए।
अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) कुमार धर्मेंद्र की अध्यक्षता में जनपद के उपखनिज बालू/मोरम व गिट्टी / पत्थर के समस्त पट्टाधारक/अनुज्ञाधारक / क्रेशर स्वामी के साथ वृक्षारोपण किये जाने के सम्बन्ध में बैठक की गयी। बैठक में एडीएम कुमार धर्मेंद्र ने पट्टाधारक,अनुज्ञाधारक,क्रेशर मालिको को निर्देशित किया कि वन विभाग द्वारा निर्गत अनापत्ति तथा पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण-पत्र में दी गयी शर्तों के अनुसार पेड़,वृक्ष लगाये जाये। वृक्षारोपण का कार्य माह जुलाई व अगस्त में किया जाना है। जिसके लिये खनन पट्टे,अनुज्ञा क्षेत्र के आस-पास 05 से 10 हे० तक की जमीन का चिन्हांकन कर पट्टाधारको को अवगत कराया जायेगा। जिसमें पट्टाधारको द्वारा फलदार पेड लगाये जाने तथा फैन्सिंग का कार्य भी कराया जायेगा। जनपद बांदा में 50 तालाब के आस-पास लगभग 30,000 पेड लगाये जायेगे। क्रेशर स्वामी द्वारा क्रेशर के आस-पास भी पेड़ लगाये जाने के निर्देश दिये गये है। बैठक में उपस्थित कुछ पट्टाधारको द्वारा जमीन की उपलब्धता न होने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। कुछ पट्टाधारको द्वारा अनुरोध किया गया है कि उनके पट्टे से कुछ दूरी पर ग्रामसमाज की भूमि उपलब्ध है। तथा उक्त भूमि पर ही वृक्षारोपण कराना चाहते है। जिस पर एडीएम द्वारा समस्त पट्टाधारको को निर्देशित किया गया है कि पट्टाधारक द्वारा अपने खनन पट्टा क्षेत्र के आस-पास वृक्षारोपण कराये तथा पट्टे के आस-पास भूमि की अनुपलब्धता होने पर तहसील के माध्यम से भूमि उपलब्ध करायी जायेगी। अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) द्वारा उक्त के अतिरिक्त समस्त पट्टाधारको को यह भी अवगत कराया गया कि वृक्षारोपण करने के उपरान्त उसकी देख-रेख करने का दायित्व पट्टाधारक का ही होगा। पौधे की उपलब्धता के सम्बन्ध में भी कुछ पट्टाधारको द्वारा अवगत कराया गया कि पौधे का क्रय किस स्थान से किया जाये। जिसके सम्बन्ध में प्रभागीय वनाधिकारी बांदा से वार्ता करते हुये समस्त पट्टाधारको को उनके व्यय पर पौधे उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया। जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी बांदा द्वारा पूर्ण सहयोग का आश्वासन देने हेतु समस्त पट्टाधारको को उनके व्यय तथा लक्ष्य के अनुसार पौधे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।