बरेली। सुभाषनगर क्षेत्र की एक विवाहिता ने पति और ससुराल वालों पर सरकारी नौकरी का झांसा देकर शादी करने और बाद में दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। विवाहिता के मुताबिक शादी के बाद पता चला कि पति सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि संविदा पर कार्यरत है। इसके बाद ससुराल वालों ने 10 लाख रुपये और कार की मांग शुरू कर दी। मामले में सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शादी में 15 लाख रुपये खर्च करने का दावा
विवाहिता शशि प्रभा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह इज्जतनगर निवासी अमन माथुर से हुआ था। उसके मुताबिक शादी में मायके पक्ष ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। शादी के समय ससुराल वालों की ओर से पति की निजी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में नौकरी होने की बात बताई गई थी। सरकारी नौकरी नहीं, संविदाकर्मी होने की जानकारी पर विवाद
महिला का आरोप है कि शादी के बाद उसे पता चला कि पति की नौकरी सरकारी नहीं, बल्कि संविदा पर है। इसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। ससुराल पक्ष पर 10 लाख रुपये और कार की मांग करने का आरोप है। मांग पूरी न होने पर उसे जमीन पर सुलाने और प्रताड़ित करने की बात भी तहरीर में कही गई है। शराब के नशे में बेल्ट से पीटने का आरोप
विवाहिता के अनुसार अक्तूबर 2025 में पति ने शराब के नशे में उसके साथ बेल्ट से मारपीट की। इसके बाद उसकी मां उसे अपने साथ ले गईं। दिसंबर 2025 में ससुर की मृत्यु के बाद उसे दोबारा ससुराल ले जाया गया। आरोप है कि बाद में ननद के विवाह में उसके जेवर और दहेज का सामान भी दे दिया गया।
होली के बाद फिर घर से निकाला
महिला ने आरोप लगाया कि होली के बाद ससुराल वालों ने फिर उसके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। अब पति व्हाट्सएप के माध्यम से जान से मारने की धमकी दे रहा है। सीओ टू नितिन कुमार के अनुसार महिला की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।