वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता एवं समयबद्धता बनाए रखने के साथ किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलम्ब न होने के कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं।
आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल अजीत कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की मण्डल स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में परिवार नियोजन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त अजीत कुमार के द्वारा नवाचार के अन्तर्गत ‘‘स्टार ऑफ द मंथ’’ सम्मान की शुरुआत की गई। माह अप्रैल, 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ती कल्पना मिश्रा, ग्राम-रूरीपारा,विकासखण्ड-मुस्करा जनपद हमीरपुर को एक महिला नसबंदी,एक पुरुष नसबंदी एवं एक संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयुक्त ने कहा कि ऐसे नवाचारों से जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति मिलेगी। समीक्षा के दौरान मण्डल के जिला चिकित्सालयों में आईपीएचएल (IPHL) लैब सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। वर्तमान में उपलब्ध जांच सुविधाओं का विस्तार करते हुए समस्त 117 निर्धारित जांचों को चरणबद्ध रूप से प्रारम्भ कराने तथा जिला चिकित्सालयों में माइक्रोबायोलॉजी एवं वायरोलॉजी लैब स्थापित करने हेतु संबंधित मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया गया। वर्तमान में बाँदा में 74,चित्रकूट में 49,हमीरपुर में 34 तथा महोबा में 32 जांचें संचालित हैं। जिन्हें शीघ्र बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देशित किया कि मण्डल के सभी जनपद राज्य औसत से अधिक वार्षिक नोटिफिकेशन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास करें। साथ ही प्रसवोपरांत महिलाओं को न्यूनतम 48 घंटे तक स्वास्थ्य संस्थान में रखकर आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित करने तथा उसके उपरांत ही डिस्चार्ज एवं भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की स्क्रीनिंग एवं उपचार की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त अजीत कुमार ने निर्देशित किया कि 30 वर्ष से अधिक आयु की समस्त पात्र आबादी का ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण, स्क्रीनिंग,संदिग्ध रोगियों का रेफरल,चिकित्सकीय परीक्षण,उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा,एएनएम,सीएचओ एवं चिकित्साधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दें तथा इसकी समीक्षा प्रत्येक माह जिला स्वास्थ्य समिति एवं ब्लॉक स्तर की बैठकों में अनिवार्य रूप से की जाए। आयुक्त ने समस्त स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिला चिकित्सालयों एवं विशेष चिकित्सालयों में 394, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 242,आयुष्मान आरोग्य मंदिर-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 195 तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर-उपकेन्द्रों में 84 आवश्यक औषधियों (EDL) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से रक्तचाप एवं मधुमेह की दवाएं सभी उपकेन्द्रों पर उपलब्ध रहनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि मण्डल में 70 वर्ष से अधिक आयु के 86,320 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुक्त ने निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित किया जाए ताकि वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त हो सके। मण्डलीय कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत राज्य स्तर से बजट की उपलब्धता के अनुसार अनुमोदित गतिविधियों के भुगतान की कार्यवाही प्रचलित है। इस पर आयुक्त ने निर्देशित किया कि वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता एवं समयबद्धता बनाए रखी जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलम्ब न होने पाए। आयुक्त ने मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारियों को अधिकाधिक पर्यवेक्षणीय भ्रमण करने तथा भ्रमण के दौरान चिन्हित कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने खराब प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने पर भी बल दिया। साथ ही मण्डल से अन्य जनपदों में स्थानांतरित एवं अन्य जनपदों से मण्डल में आए चिकित्साधिकारियों की अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने हेतु अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को निर्देशित किया गया।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार हेतु आशा कार्यकर्तियों के माध्यम से महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक बनाने के लिए ‘ईट राइट टूलकिट’ का उपयोग किए जाने पर बल दिया गया। इस संबंध में मण्डलीय एवं जनपदीय क्वालिटी एश्योरेंस टीम के माध्यम से जनपद बाँदा की समस्त आशाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के समापन पर आयुक्त अजीत कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों में निरंतर सुधार एवं कई प्रमुख सूचकांकों में बेहतर प्रगति के लिए मण्डलीय एवं जनपदीय स्वास्थ्य टीमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनसामान्य को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस दिशा में सभी अधिकारी पूर्ण समर्पण एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। बैठक में अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज, समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी,जिला कार्यक्रम प्रबंधक,यूनिसेफ,यूएनडीपी,यूपीटीएसयू सहित अन्य मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।