चौपाल लगाकर डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए उनका निस्तारण भी कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की कि राशन वितरण में अवैध रूप से धनराशि ली जाती है। तथा कुछ पात्र लाभार्थियों के नाम राशन कार्ड से काट दिए गए हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर अगले दिन तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विकास खण्ड नरैनी अंतर्गत ग्राम पंचायत गुढ़ाकला में जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में जनचौपाल का आयोजन किया गया। जनचौपाल में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं जनसमस्याओं की समीक्षा करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर डीएम के द्वारा उनकी समस्याएं सुनी गईं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है तथा विद्यालय में नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित नहीं की जाती है। इस पर जिलाधिकारी ने खण्ड शिक्षा अधिकारी को मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण कराने तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का विवरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में शौचालय व्यवस्था न होने की शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई कि राशन वितरण में अवैध रूप से धनराशि ली जाती है। तथा कुछ पात्र लाभार्थियों के नाम राशन कार्ड से काट दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर अगले दिन तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा में किसान सम्मान निधि, बीज वितरण, कृषि यंत्रों पर अनुदान एवं अन्य योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। पंचायत भवन में कृषि विभाग की योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं पम्पलेट चस्पा कराने के निर्देश भी दिए गए ताकि ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा आयुष्मान कार्ड योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को योजना के प्रति जागरूक करने तथा आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही ओआरएस किट के वितरण की समीक्षा करते हुए छोटे बच्चों एवं वृद्धजनों को प्राथमिकता के आधार पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा। पशुपालन विभाग द्वारा टीकाकरण, 1962 पशु चिकित्सा हेल्पलाइन, मुर्गी पालन एवं अन्य स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने खेत तालाब योजना के माध्यम से मत्स्य पालन सहित विभिन्न आजीविका संवर्धन योजनाओं का लाभ लेने तथा इनके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी एवं महिला कल्याण विभाग की समीक्षा में पोषाहार वितरण की जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने ऐसे बच्चों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए जिन्हें नियमित रूप से पोषाहार प्राप्त नहीं हो रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं मुख्यमंत्री बाल कल्याण योजना की भी जानकारी प्रदान की गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा वृद्धावस्था पेंशन योजना एवं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की जानकारी दी गई। वहीं परियोजना निदेशक द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना एवं दैवीय आपदा आवास योजना के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। जनचौपाल में ग्राम निधि से कराए गए विकास कार्यों, हैंडपंप मरम्मत एवं अन्य जनहितकारी कार्यों की भी जानकारी ग्रामीणों को दी गई।