जनपद में अभियोजन कार्यों की प्रगति और लंबित मामलों की समीक्षा के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण मामलों, दोषसिद्धि दर तथा अभियोजन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी अमित आसेरी ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन कार्य न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और अपराधियों को समयबद्ध एवं विधिसम्मत दंड दिलाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रकरण में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए तथा सभी साक्ष्य और अभिलेख समय से न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं। डीएम अमित आसेरी ने अभियोजन अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने, गुणवत्तापूर्ण पैरवी करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, अभियोजन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्यायालयों में लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया।बैठक में महिला एवं बाल अपराध, पॉक्सो अधिनियम और अन्य गंभीर मामलों की अलग-अलग समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। साथ ही दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कुमार धर्मेंद्र,एएसपी शिवराज सहित पुलिस विभाग, अभियोजन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।