संभावित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के प्रभाव को न्यूनतम करने और आपदा के दौरान जन-धन की क्षति कम करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए सटीक डाटा एकत्र करने और उसके आधार पर प्रभावी आपदा प्रबंधन प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया।
बैठक में जोखिम वाले क्षेत्रों, संवेदनशील आबादी, उपलब्ध संसाधनों और पूर्व में हुई आपदाओं से संबंधित सटीक एवं अद्यतन डाटा जुटाने पर विशेष जोर दिया गया। बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली, अग्निकांड सहित विभिन्न संभावित आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने और पूर्व में हुई जन-धन की क्षति का व्यवस्थित डाटा तैयार करने पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी आवश्यक सूचनाएं एवं डाटा समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन प्लान के लिए सटीक और अद्यतन डाटा बेहद महत्वपूर्ण है। जोखिम वाले क्षेत्रों, उपलब्ध संसाधनों और पूर्व में हुई क्षति की सही जानकारी के आधार पर बेहतर योजना तैयार कर आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है। बैठक में उपलब्ध बचाव उपकरण, मानव संसाधन, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की मैपिंग करने पर भी चर्चा हुई। एकत्रित डाटा के आधार पर आपदा जोखिम का आकलन कर क्षेत्रवार प्राथमिकताएं तय करने और उसी के अनुरूप राहत एवं बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा पूर्व चेतावनी एवं त्वरित सूचना व्यवस्था को मजबूत करने, आमजन को आपदा से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने तथा आपदा प्रबंधन प्लान की समय-समय पर समीक्षा और अद्यतन करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेंद्र, मुख्य कोषाधिकारी विनोद कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी मतलूब, जिला कमांडेंट अरुण कुमार, डिप्टी कलेक्टर अंकित वर्मा और जिला आपदा विशेषज्ञ डॉ. प्रभाकर सिंह सहित स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, खाद्य, कृषि, विकास, परिवहन, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बाल विकास, सिंचाई, विद्युत विभाग तथा विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे। सटीक डाटा से बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान
संवेदनशील क्षेत्रों, पूर्व में हुई क्षति, उपलब्ध संसाधनों और राहत-बचाव व्यवस्था से संबंधित डाटा जुटाया जाएगा। इसी के आधार पर जनपद के लिए प्रभावी और व्यावहारिक आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी। समय से डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश
सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने विभाग से जुड़ा डाटा समय से एकत्रित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पूर्व चेतावनी, त्वरित सूचना, राहत-बचाव और जन-जागरूकता की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।