बाँदा-चित्रकूट धाम मंडल बनेगा हरिशंकरी अभियान का मॉडल, 25 अगस्त से होगी शुरुआत

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मंडल में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक खेती और जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आगामी 25 अगस्त को जनपद के सभी गांवों एवं नगर निकायों के वार्डों में 763 हरिशंकरी पौध समूह स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल की अध्यक्षता में लोक भारती, उत्तर प्रदेश, जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त सहयोग से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि पीपल, पाकड़ और बरगद जैसे वृक्ष प्राकृतिक खेती, जैव विविधता, जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के आधार हैं। इनके संरक्षण से पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक धरोहर मिलेगी। उन्होंने सभी विभागों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। बैठक में अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि जिस प्रकार हाल ही में हुए वृक्षारोपण अभियान को जनसहभागिता से सफलता मिली, उसी तरह हरिशंकरी अभियान भी व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधारोपण के लिए ऐसे स्थलों का चयन किया जाए जहां पौधों का दीर्घकाल तक संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित हो सके तथा भविष्य में विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।जिलाधिकारी अमित आसेरी ने स्पष्ट किया कि पौधारोपण के बाद कम से कम तीन वर्षों तक पौधों की सिंचाई, संरक्षण और देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अभियान से जुड़े समाजसेवियों और नामित व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि यह अभियान चित्रकूट धाम मंडल को पूरे प्रदेश में नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने गौ आधारित प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक से सहजन का पौधा लगाने का भी आह्वान किया।आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि पीपल, पाकड़ और बरगद जैसे वृक्ष प्राकृतिक खेती, जैव विविधता, जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के आधार हैं। इनके संरक्षण से पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक धरोहर मिलेगी। उन्होंने सभी विभागों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। लोक भारती के संगठन मंत्री गोपाल उपाध्याय ने बताया कि हरिशंकरी तीन पवित्र वृक्षों—पीपल, पाकड़ और बरगद—का समूह है। परंपरा के अनुसार पीपल पूर्व, पाकड़ पश्चिम और बरगद उत्तर दिशा में लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 763 हरिशंकरी पौध समूह स्थापित किए जाएंगे, जिनमें सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी अमित आसेरी, मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय, उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, लोक भारती के संगठन मंत्री गोपाल उपाध्याय, अपर आयुक्त प्रशासन अमरपाल सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे
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Author: UP TIMES NEWS

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