अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत साक्षरता परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में अधिक से अधिक असाक्षर व्यक्तियों का चिन्हांकन कर उन्हें साक्षर बनाने का संदेश दिया गया।
बांदा के विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष मालती बासु और सदर विधायक प्रतिनिधि रजत सेठ ने साक्षरता परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान उपस्थित लोगों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए समाज में अभी भी साक्षरता से वंचित लोगों को चिन्हित कर उन्हें साक्षर बनाने का संकल्प लेने का संदेश दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है। यह व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी हासिल करने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को निर्देश दिए कि जनपद में साक्षरता से वंचित लोगों का चिन्हांकन कर उन्हें नवभारत साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ने का प्रभावी प्रयास किया जाए। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। जनपद में अब तक 1123 असाक्षर व्यक्तियों का चिन्हांकन किया गया है। मार्च 2026 में आयोजित साक्षरता परीक्षा में 913 प्रतिभागी उत्तीर्ण हुए। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर इन्हीं उत्तीर्ण प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साक्षरता अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में अधिक से अधिक असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि साक्षरता के माध्यम से व्यक्ति अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक होकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकता है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष मालती बासु, सदर विधायक प्रतिनिधि रजत सेठ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, संबंधित अधिकारी, शिक्षक, स्वयंसेवी एवं नवसाक्षर प्रतिभागी मौजूद रहे।