आंगनवाड़ी में सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर सिक्योरिटी गार्ड ने कई महिलाओं को अपना शिकार बना लिया। खाते में पैसे भी डलवा लिए। शिकायत पर पुलिस ने जाल साज को गिरफ्तार कर लिया है। वही उसके पास से ठगी का पैसा भी बरामद हुआ है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर अपराध मेविस टॉक के नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस थाना व कोतवाली देहात की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा आंगनबाड़ी में सुपरवाइजर बनाने/नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। सहायक एसपी मेविस टॉक ने बताया कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के बरगहनी के रहने वाले छितानी पुत्र शिवनाथी ने सूचना दी कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन करके उनकी बहु को आंगनबाड़ी में सुपरवाइजर बनाने के नाम पर उनसे व उनके अन्य रिश्तेदारों के साथ ठगी कर ली गई है। इसके अलावा आवेदन के नाम पर जालसाज ने 25-25 हजार रुपये भी ले लिए है। साथ ही बताया कि जालसाज ने प्रति नौकरी के हिसाब से 137000 की बात की थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस द्वारा अभियुक्त की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में सोमवार को अभियुक्त की पहचान करते हुए थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम करहिया से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना नाम महेश कुमार पुत्र रामआसरे निवासी खप्टिहाकलां थाना पैलानी बताया। तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से ठगी के 1,00,120/ रुपए बरामद हुए है । विवेचना/जांच के क्रम में पाया गया कि अभियुक्त थाना पैलानी क्षेत्र के ग्राम खप्टिहाकला का रहने वाला है और वर्तमान में कानपुर में गार्ड की नौकरी करता है। तथा योजनाबद्ध तरीके से बांदा व आस-पास के गांवों में आंगनबाड़ी में कार्य करने वाली इच्छुक लोगों की सूचना इकट्ठा करता है। साथ ही विकास भवन में आंगनबाड़ी से सम्बन्धित कार्य कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों एवं उनके कार्यो की जानकारी इंटरनेट से एकत्रित कर लिया। इसके उपरांत अभियुक्त ने कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम बरगहनी निवासी छितानी को फोन कर स्वयं को आंगनबाड़ी विभाग का अधिकारी बताया तथा उनकी बहू, जो आंगनबाड़ी में नियुक्त थी। को सुपरवाइजर बनवाने एवं उनके परिवार/रिश्तेदारों की अन्य महिलाओं को आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद उनको विश्वास में लेकर उनसे धनराशि प्राप्त करने के लिए पूर्व में ही कानपुर में कुछ ज्वेलर्स की दुकानों को चिंहित कर उन दुकानों के क्यूआर कोड के माध्यम से रुपए ट्रांसफर कराये। उन्ही से ज्वेलर्स आदि खरीदकर पुनः उस ज्वेलर्स को सस्ते दामों पर बेच दिया। साक्ष्यों को मिटाने हेतु सभी मोबाइल फोन एवं सिम को तोड़कर फेक दिया। जिससे की वह पकड़ा न जाए। यह भी बताया कि अभियुक्त ने कई महिलाओं से खाते में 25-25 हजार रुपए आवेदन के नाम पर डलवाए थे। सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के बाद उसने बाकी की रकम लेने की बात कही थी। नौकरी के नाम पर 137000 प्रति व्यक्ति का सौदा हुआ था। सहायक एसपी ने कहा कि इस सम्बन्ध में गहनता से जांच की जा रही है कि अभियुक्त द्वारा इस तरह की ठगी और कहां-कहां और कितने लोगों से ठगी की गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राम मोहन राय साइबर क्राइम,थानाध्यक्ष कोतवाली देहात चंद्रप्रकाश तिवारी,उप निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह साइबर क्राइम पुलिस थाना, स्नेहा थाना कोतवाली देहात,आरक्षी राहुल सिंह साइबर क्राइम पुलिस थाना,ललित कुमार साइबर क्राइम पुलिस थाना,दिनेश कुमार साइबर क्राइम पुलिस थाना,ऋषिराज थाना कोतवाली देहात,अभिषेक मिश्रा थाना कोतवाली देहात शामिल रहे।