आगरा-16 लाख देकर लगवाई सरकारी नौकरी, ढाई महीने बाद खुला फर्जीवाड़ा

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सरकारी नौकरी की चाहत में एक पिता ने अपनी बेटी और बेटे के भविष्य के लिए लाखों रुपये गंवा दिए। आरोप है कि 16 लाख रुपये लेने के बाद बेटी को फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया और करीब ढाई महीने तक उससे सरकारी कार्यालय में काम भी कराया गया। बाद में जब नौकरी की हकीकत सामने आई तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र के तोता का ताल निवासी अमर सिंह कुशवाह ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। आरोप है कि 12 जनवरी को उनके बेटे पीयूष और बेटी वैशाली को सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया गया था। शिकायत में मंजू कुशवाह, उनके पति विजयपाल सिंह कुशवाह, राजेश कुमार बघेल समेत छह लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। विजयपाल सिंह स्थानीय भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के भाई बताए गए हैं।
पीड़ित के मुताबिक पहले नौकरी का सौदा 20 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसे बाद में 16 लाख रुपये में करने की बात हुई। आरोप है कि बेटी की शादी और पुश्तैनी जेवर गिरवी रखकर 15 जनवरी को सात लाख और 25 जनवरी को 6.50 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बाद 21 जनवरी को राजेश कुमार बघेल वैशाली को लखनऊ के इंदिरा भवन ले गया, जहां उसे नियुक्ति पत्र दिया गया।
हाथरस में लगाई ड्यूटी, रायबरेली पहुंची तो नौकरी ही नहीं मिली
आरोप है कि 22 जनवरी को वैशाली की ड्यूटी हाथरस जिला पंचायत कार्यालय में लगवा दी गई। उसने वहां करीब ढाई महीने तक काम किया, लेकिन वेतन नहीं मिला। वेतन के बारे में पूछने पर उसे बताया गया कि उसका तबादला रायबरेली कर दिया गया है। 24 मार्च को उसे लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक केंद्र ले जाकर सर्विस बुक भी बनवाई गई। 10 अप्रैल को जब वैशाली रायबरेली पहुंची तो वहां उसके नाम से कोई नौकरी ही नहीं थी। इसी दौरान उसे पता चला कि उसके साथ फर्जी नियुक्ति के नाम पर धोखाधड़ी की गई है।
बेटे को भी नौकरी दिलाने के नाम पर लिए रुपये
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने पीयूष को भारतीय रिजर्व बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर भी 2.10 लाख रुपये नकद और 40 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से लिए। इस तरह परिवार से अलग-अलग नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप है। मामले में पुलिस ने मंजू कुशवाहा, विजयपाल सिंह कुशवाहा, राजेश कुमार बघेल, योगेंद्र प्रताप सिंह बघेल, सुदेश कुमार और कुमारी अनुज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोपी पक्ष ने भी ठगी का शिकार होने का किया दावा
मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। विधायक के भाई विजयपाल सिंह कुशवाह और उनकी पत्नी का कहना है कि मुख्य आरोपी राजेश कुमार बघेल और उसके साथियों ने उनके साथ भी एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। उनका दावा है कि वे स्वयं भी इस गिरोह के शिकार हुए हैं और पैसों के लेनदेन से जुड़े वीडियो को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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