बाँदा-निर्माण कार्यों में देरी पर डीएम हुए खफा,समयसीमा में परियोजनाएं पूरी करने के दिए निर्देश

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जनहित से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया गया। लंबित कार्यों में तेजी लाने, बजट की समस्या दूर करने और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत संचालित निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की विभागवार प्रगति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। जिन परियोजनाओं को समय से पहले पूरा किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए।
मेडिकल कॉलेज से लेकर पुल और विद्यालय निर्माण की समीक्षा
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 100 शैय्यायुक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 60 सीटों वाले नर्सिंग कॉलेज का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), मोतिहारी में आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण सुविधाओं का निर्माण भी दिसंबर तक पूरा कराने को कहा गया। मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, बसहरी का निर्माण 25 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। हाईस्कूल सिंगपुर के निर्माण में तेजी लाने तथा राजकीय पॉलिटेक्निक, नरैनी में टाटा टेक्नोलॉजी से संबंधित निर्माण कार्य जून 2027 तक पूरा कराने को कहा गया।
विद्युत विभाग के 400/220 केवी उपकेंद्र बांदा में 220/132 केवी विद्युत उपकेंद्र से संबंधित कार्य और स्पोर्ट्स स्टेडियम में मरम्मत एवं नवनिर्माण कार्यों को निर्धारित समय से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पर्यटन विकास के तहत कृषि एवं महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली, यमुना नदी घाट पर स्नान के लिए घाट निर्माण और सिद्ध बाबा स्थल पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया गया।
पेयजल, सिंचाई और सेतु परियोजनाओं पर जोर
अतर्रा नगर पालिका परिषद की पुनर्गठन पेयजल योजना और नगर पंचायत ओरन में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की गई। ओरन में दीपावली से पहले पेयजल आपूर्ति शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। यमुना नदी और बबेरू-मरका मार्ग पर दीर्घ सेतु निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए। बबेरू में बस स्टेशन निर्माण कार्य में तेजी लाने को भी कहा गया।
लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग और नहर प्रखंड से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए। जिला कारागार में 30 क्षमता वाली चार बैरकों, होमगार्ड विभाग के जिला एवं मंडलीय कार्यालय भवनों तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर जोर दिया गया।
विद्युत कनेक्शन और आंगनबाड़ी केंद्रों की मांगी सूची
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में लंबित विद्युत कनेक्शन और अन्य विद्युत संबंधी कार्यों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। जिन परियोजनाओं में बिजली से संबंधित समस्याओं के कारण निर्माण या संचालन प्रभावित हो रहा है, उनका संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान कराया जाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 200 शैय्यायुक्त बालक छात्रावास और 100 शैय्यायुक्त बालिका छात्रावास के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। दोनों छात्रावासों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने को कहा गया।
बजट की कमी दूर करने के लिए शासन से होगा पत्राचार
जिन परियोजनाओं में बजट के अभाव के कारण निर्माण कार्य रुका है या उसकी प्रगति प्रभावित हो रही है, उनसे संबंधित विभागों को विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। ऐसे मामलों में आवश्यक धनराशि के आवंटन के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा, ताकि अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा कराया जा सके।
गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता नहीं
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने सभी विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने, निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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