गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई संपत्तियों को मुक्त कराने की मांग पर न्यायालय ने आवेदक को राहत देने से इनकार कर दिया। कार और पोकलैंड मशीन की खरीद के लिए प्रस्तुत आय के स्रोतों और वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आवेदन खारिज कर दिया गया।
विशेष गैंगस्टर न्यायालय ने थाना कालिंजर में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में कुर्क की गई कार और पोकलैंड मशीन को मुक्त कराने के लिए दाखिल आवेदन निरस्त कर दिया। मामला विकास कुमार गुप्ता पुत्र लालाराम गुप्ता, निवासी साहब नगर, कल्याणपुर, कानपुर नगर से संबंधित है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई थी कुर्की
मामला थाना कालिंजर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 79/2022 की धारा 2/3, उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 से संबंधित है। इससे जुड़े अभिलेखों में मुकदमा अपराध संख्या 37/2022 का भी उल्लेख है, जिसमें चोरी, चोरी का माल बरामद होने, खान एवं खनिज अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया था। इसके बाद कुर्की से राहत पाने के लिए न्यायालय में आवेदन दाखिल किया गया। कार और पोकलैंड मशीन की कीमत 41.66 लाख रुपये
कुर्क संपत्तियों में कार संख्या UP-78 CR-7485 शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत 2,24,678 रुपये दर्ज की गई। वहीं, पोकलैंड मशीन संख्या S-200-54592 की कीमत 39,41,250 रुपये आंकी गई थी। दोनों संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत 41,65,928 रुपये है।
आवेदक की ओर से कृषि भूमि, ठेकेदारी और व्यवसाय से आय होने का दावा किया गया। कार की खरीद के लिए वित्तीय सुविधा लेने तथा पोकलैंड मशीन को किराये पर चलाने से आमदनी होने की बात भी कही गई। इसके समर्थन में आयकर रिटर्न, कृषि भूमि के अभिलेख और किस्तों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। आय के दस्तावेजों से संतुष्ट नहीं हुआ न्यायालय
राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने आवेदन का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि संपत्तियों की खरीद के लिए वैध आय का स्रोत ठोस और विश्वसनीय दस्तावेजों से साबित होना चाहिए। केवल कृषि, व्यवसाय या किराये से आय होने का दावा पर्याप्त नहीं है।
न्यायालय ने पोकलैंड मशीन की किस्तों, आयकर रिटर्न में दर्शाई गई आय और किराये से आमदनी के दावों से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की। उपलब्ध दस्तावेजों से विवादित संपत्तियों की खरीद के लिए पर्याप्त वैध आय का स्रोत संतोषजनक रूप से स्थापित नहीं हो सका। आवेदन खारिज, कुर्की बरकरार
दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने संपत्तियों को मुक्त कराने का पर्याप्त आधार नहीं पाया। न्यायालय ने अपने निर्णय में संपत्तियों को अपराध से अर्जित धन से खरीदा जाना माना और आवेदन निरस्त कर दिया। साथ ही आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष ने रखा प्रभावी पक्ष
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने न्यायालय में पक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने संपत्तियों की खरीद के स्रोत और प्रस्तुत वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर कुर्की बनाए रखने की मांग की। कुर्क संपत्तियों का विवरण
कार संख्या UP-78 CR-7485 की अनुमानित कीमत 2,24,678 रुपये और पोकलैंड मशीन संख्या S-200-54592 की अनुमानित कीमत 39,41,250 रुपये है। दोनों की कुल कीमत 41,65,928 रुपये है। न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज किए जाने के बाद इन्हें कुर्की से मुक्त कराने की मांग स्वीकार नहीं हुई।