बाँदा-मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुविधाओं का आयुक्त ने लिया जायजा

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चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समयबद्ध एवं सुगम उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल ने रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, पेयजल, सीसीटीवी, चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति देखी।
निरीक्षण में एक्स-रे और सीटी स्कैन मशीनें क्रियाशील मिलीं। आयुक्त ने सभी चिकित्सा मशीनों और उपकरणों के नियमित रखरखाव के निर्देश दिए। उपकरण खराब होने पर कमिश्नर अजीत कुमार ने तत्काल कार्रवाई कर उन्हें चालू कराने को कहा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से बताया गया कि फायर एनओसी के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन अग्निशमन विभाग से एनओसी अभी प्राप्त नहीं हुई है। इस पर आयुक्त ने मौके पर मौजूद अग्निशमन अधिकारी को स्थलीय सत्यापन पूरा कर नियमानुसार जल्द फायर एनओसी जारी करने के निर्देश दिए। मरीजों की सुविधा को लेकर आयुक्त ने एक्स-रे और सीटी स्कैन की रिपोर्ट के लिए मरीजों को बार-बार मेडिकल कॉलेज बुलाने की व्यवस्था समाप्त करने को कहा। मरीजों को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के माध्यम से रिपोर्ट भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के कमिश्नर ने निर्देश दिए। कमिश्नर अजीत कुमार ने सभी चिकित्सा मशीनों पर एएमसी और एसओपी से संबंधित विवरण प्रदर्शित करने, तकनीशियनों की समय से उपलब्धता सुनिश्चित करने और ड्यूटी रोस्टर का शत-प्रतिशत पालन कराने को कहा। चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर भी सार्वजनिक एवं सहज स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
मेडिकल कॉलेज परिसर में टूटी और उखड़ी टाइलों की तत्काल मरम्मत कराने के साथ सभी वार्डों में पर्याप्त कूलर, पंखे और एसी की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया। आर्थोपेडिक वार्ड की लिफ्ट को भी जल्द चालू कराने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त अजीत कुमार ने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के पेशेवर व्यवहार पर जोर देते हुए निर्धारित ड्रेस कोड और नेम प्लेट के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर रेफर न किया जाए और मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों एवं विशेषज्ञ सेवाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए यथासंभव स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध दवाओं के बावजूद मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने से बचने और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। एंबुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता और नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
आयुक्त ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित भ्रामक एवं तथ्यहीन खबरों पर तत्काल संज्ञान लेकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यकतानुसार तथ्यात्मक खंडन जारी कराने के निर्देश दिए।
मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता-आयुक्त
आयुक्त अजीत कुमार ने कहा कि मरीज और उनके परिजन चिकित्सा व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्हें सम्मानजनक व्यवहार, सुगम चिकित्सा सुविधा और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों-कर्मचारियों की उपस्थिति, उपकरणों की क्रियाशीलता और मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
समयबद्ध अनुपालन रिपोर्ट देने के निर्देश
आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने और अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सा सेवाओं में सुधार के लिए शासकीय चिकित्सा संस्थानों का नियमित निरीक्षण और सतत अनुश्रवण जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सहायक आयुक्त औषधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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