सोमवार को पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के कई मकान धराशायी हो गए और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। हादसे में बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
कौशांबी जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी गांव के पास सोमवार को पटाखा फैक्टरी में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकान भी इसकी चपेट में आ गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्टरी में पटाखा निर्माण के दौरान आग लगी, जिसके बाद लगातार विस्फोट होने लगे। धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद कई मकान क्षतिग्रस्त होकर ढह गए। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए जेसीबी और राहत-बचाव टीमों ने अभियान शुरू किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में प्रियांजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जाह्नवी (12), आदित्य (12), रवि (8), ज्ञान सिंह (40), आदित्य (8), अंजू (32), विक्रम सरोज (35), अंश (6) और नाना (4) शामिल हैं। घायलों को उपचार के लिए प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया है। अस्पताल में सविता देवी (33), उर्वशी (16), राजेश कुमार (45), माला देवी (36) और अनीता (35) का इलाज चल रहा है।
मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मलबा हटाने के लिए कई जेसीबी लगाई गई हैं। अधिकारियों के अनुसार यह जांच की जा रही है कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी
हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पटाखा फैक्टरी के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। मलबे में तलाश जारी
विस्फोट से आसपास के कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने के कारण मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है। राहत-बचाव दल लगातार मलबा हटाकर तलाशी अभियान चला रहे हैं।