जानलेवा हमले के 21 साल पुराने मामले में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और कुल 21 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी विवेचना और अभियोजन पैरवी के परिणामस्वरूप हुई।
जनपद के थाना गिरवां में वर्ष 2003 में दर्ज मुकदमे में यह फैसला 31 अगस्त 2026 को सुनाया गया। थाना गिरवां में पंजीकृत मु0अ0सं0-55/2003, धारा 307/34 भादवि एवं 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त रामबरन, उदयभान और सुरेन्द्र पुत्रगण सियाराम, निवासी ग्राम मकरी, थाना गिरवां, जनपद बांदा को दोषी पाया।
प्रभावी विवेचना और पैरवी से मिली सजा
पुलिस के अनुसार मामले की प्रभावी विवेचना तथा न्यायालय में मजबूत पैरवी के फलस्वरूप तीनों अभियुक्तों को 07-07 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने अभियुक्तों पर कुल 21,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लगातार जारी है कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य गंभीर अपराधों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों का संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी के माध्यम से दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना है। इस मामले में भी पुलिस की पैरवी के बाद न्यायालय ने दोषियों को कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।