श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर रविवार को प्रस्तावित कारसेवा के एलान से मथुरा में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोशल मीडिया पर कारसेवा से संबंधित पोस्ट प्रसारित होने के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाहर से आने वाले साधु-संतों और संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।
कारसेवा के शंखनाद को लेकर राधाकुंड क्षेत्र स्थित चित्रगुप्त पीठ में तैयारियां की गई हैं। आयोजन में देशभर से साधु-संतों के पहुंचने की बात कही गई है। 13 अखाड़ों के महंतों के शामिल होने का दावा भी किया गया है। इससे पहले शुक्रवार देर रात भरतपुर के बंसीपहाड़पुर से गुलाबी पत्थरों की पहली खेप भी मथुरा पहुंची थी। इन्हीं पत्थरों से श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की बात कही जा रही है। शाही ईदगाह पर जलाभिषेक के एलान से भी बढ़ी चिंता
इसी बीच शाही मस्जिद ईदगाह पर जलाभिषेक की घोषणा से भी पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले संदेशों पर भी नजर रख रही हैं। रेड कार्ड नोटिस जारी
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के नाम पर कारसेवा के आह्वान को देखते हुए पुलिस ने कुछ संतों और धर्माचार्यों को रेड कार्ड नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी है। पुलिस का जोर किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था बनाए रखने पर है। सीआरपीएफ और कोबरा कमांडो ने किया फ्लैग मार्च
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय बलों ने भी मोर्चा संभाला है। मथुरा में सीआरपीएफ और कोबरा कमांडो ने फ्लैग मार्च कर लोगों को सुरक्षा का संदेश दिया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है। पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखते हुए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी में है। प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।