रेलवे स्टेशन पर भटकी मिली बालिका को ऑपरेशन मुस्कान के तहत उसकी मां से मिलवा दिया गया। लगभग 19 दिनों तक चले तलाश अभियान के बाद पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने आगरा निवासी परिजनों का पता लगाया और सत्यापन के बाद बच्ची को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। बेटी को सुरक्षित वापस पाकर मां और परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत बांदा पुलिस ने गुमशुदा 10 वर्षीय बच्ची को उसके परिजनों से मिलाकर मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। 18 जुलाई को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि एक नाबालिग बच्ची बांदा रेलवे स्टेशन के पास अकेली भटक रही है। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर भेज दिया। इसके बाद विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू), मानव तस्करी रोधी थाना (एएचटी) और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने लगातार प्रयास करते हुए बच्ची की फोटो और विवरण विभिन्न माध्यमों से साझा किए। जांच के दौरान उसकी पहचान लक्ष्मी और लम्बू निवासी छीपी टोला, थाना रकाबगंज, जनपद आगरा की पुत्री के रूप में हुई। परिजनों से संपर्क कर आवश्यक सत्यापन के बाद बच्ची को उसकी मां लक्ष्मी के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि 17 जुलाई को बच्ची आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर महाकौशल एक्सप्रेस में चढ़ गई थी। ट्रेन चलने के बाद वह समय पर उतर नहीं सकी और भटकते हुए बांदा रेलवे स्टेशन पहुंच गई। बेटी को सकुशल वापस पाकर मां और परिजनों ने बांदा पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन और अभियान में शामिल टीम का आभार व्यक्त किया। अभियान में एसजेपीयू प्रभारी अखिलेश प्रताप सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी आकाश यादव, महिला उपनिरीक्षक कल्पना सिंह तथा महिला कांस्टेबल श्वेतलाना मौर्य, ज्योति गुप्ता और साक्षी सिंह की अहम भूमिका रही।