भांजे का अपहरण करने वाले मामा रामजी की 20 लाख रुपए पर नजर थी। जिसके चलते उसने अपने भांजे हर्षित का अपहरण किए जाने का प्लान बनाया था।
पुलिस लाइन में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि बबेरू कोतवाली इलाके के कृष्णानगर निवासी दरवाजा व्यापारी अनिल कुमार के बेटे हर्षित (10) का गुरुवार की दोपहर स्कूल से लौटते समय उसके मामा महोबा के सूपा गांव निवासी रामजी ने अपने दो साथियों के साथ अपहरण कर लिया था। अपहरण करने के बाद वह हर्षित को रोहतक हरियाणा ले गए। साथ ही राम जी ने बहन रश्मि से 10 लाख रुपये इंतजाम किए की बात कही थी। एसपी पलाश बंसल ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में बबेरू प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह राजावत तथा एसओजी प्रभारी आंनद कुमार सिंह सहित कई टीमे लगाई। वही परिजनों को मामा रामजी को बातों में उलझाने के लिए कहा गया। ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का कोई शक न हो। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि काले रंग की कार बबेरू से होकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते से आगरा एक्सप्रेसवे से होकर रोहतक तक पहुंची थी। अपहरणकर्ता रामजी व उसके दो साथी कार में फर्जी नंबर प्लेट भी लगाए थे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से पीछा करती हुई जब पुलिस टीम पहले टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां के सीसीटीवी में कार की तस्वीर तो आई, लेकिन उसमें बैठा कौन-कौन है, यह साफ नहीं हो सका था। इसके बाद पुलिस टीम जब दूसरे टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां लगे सीसीटीवी में कार के अंदर बैठा हर्षित, उसके मामा और दो और साथियों की तस्वीरें साफ हो गईं थीं। टोल पर रामजी अपने हाथ से फास्टैग इस्तेमाल कर रहा था। रामजी का मोबाइल बंद होने पर उन्हें लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। इस बीच जब रामजी का मोबाइल खुला और उसने अपनी बहन को कॉल करके बताया कि हर्षित कुछ गलत लोगों के हाथ लग गया है। वह पंजाब के हैं। 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं तब पुलिस टीम जो हर्षित के घर में मौजूद थी। मां ने हर्षित के सकुशल होने का वीडियो भी मांगा। जिस पर रामजी ने हर्षित का वीडियो भी भेजा था। जिसमें वह किसी कमरे में बैठा कोल्डड्रिंक पी रहा था। इससे पुलिस को स्पष्ट हुआ कि वह किसी होटल के रूम में हैं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने टोल पर पास हुए फास्टैग से गाड़ी का असली नंबर ट्रेस कराया तो वह दिल्ली का नंबर निकला। गाड़ी मालिक ने बताया कि गाड़ी उसकी है। वह भाड़े में देता है। तब तक अपहरणकर्ताओं की लोकेशन रोहतक में मिल रही थी। पुलिस की टीम रोहतक तक पहुंच गई। पुलिस ने होटल से आरोपियों को धर दबोचा। 20 लाख रुपयों पर थी रामजी की नजर
मामा रामजी की नजर 20 लाख रुपये पर थी। रुपयों के लालच में आकर रामजी ने अपने ही सगे भांजे के अपहरण की साजिश रचने का प्लान बनाया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी रामजी,सुमित,अनीश तीनों जुआ और गलत संगत में पड़कर कम समय में अधिक पैसा कमाना चाह रहे थे। साल भर रामजी का नहीं था बहन के यहां आना-जाना
अनिल कुमार दरवाजा बनाने के व्यवसायी हैं। उसका इकलौता पुत्र हर्षित है। अनिल की शादी महोबा के सूपा गांव निवासी रश्मि के साथ हुई थी। रश्मि के भाई रामजी ने तीन साल पहले उनसे साढ़े तीन लाख रुपये व्यापार करने के लिए उधार लिए थे। डेढ़ लाख रुपये उसने लौटा दिए थे। दो लाख बाकी थे। बताया कि दो लाख रुपये रामजी नहीं दे रहा था। इसलिए उन्होंने उससे बोलचाल बंद कर दिया था। वहीं साल भर से रामजी ने घर आना भी बंद कर दिया था। हर्षित के पिता अनिल ने बताया कि उसके पिता यानी हर्षित के बाबा का रिटायरमेंट होने पर 40 लाख रुपये मिले थे। वह दो भाई है। जिस पर पिता दोनों भाइयों को 20-20 लाख रुपए दिए थे। इसकी जानकारी रामजी को हो गई थी। इन्हीं पैसों की लालच में राम जी ने हर्षित के अपहरण करने का प्लान बनाया था। एसपी ने टीम को दिया 25 हजार का नगद इनाम
अपहरण कर्ताओं को पकड़ने वाली टीम को एसपी पलाश बंसल ने ₹25 हजार रुपए नगद इनाम दिए जाने का ऐलान किया है। टीम में प्रभारी निरीक्षक बबेरू राजेंद्र सिंह राजावत,एसओजी प्रभारी आनंद कुमार सिंह,सर्विलांस प्रभारी राजेश कुमार मौर्य,उप निरीक्षक राधा कृष्ण तिवारी,अरविंद कुमार सिंह,निक्की पटेल,आरक्षी रजनीश पांडे,अनिल सिंह,अश्वनी प्रताप सिंह,संदीप कुमार,आशीष शर्मा,कमल सिंह,प्रतीक सिंह,मनीष मिश्रा,अमित कुशवाहा,कामिनी पाल,प्रियंका यादव शामिल रही।