फर्जी गवाहों के माध्यम से जमीनों का फर्जी बैनामा कराने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। पकड़े अभियुक्तों में दो ईनामी सहित चकबंदी विभाग का लेखपाल भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण एवं अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के नेतृत्व में गुरुवार को थाना मटौंध पुलिस द्वारा फर्जी गवाहों एवं विक्रेताओं के माध्यम से कूट रचित दस्तावेजों का प्रयोग कर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 25-25 हजार रुपए के इनामिया 02 वांछित अभियुक्तों व लेखपाल सहित 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के खुटला निवासी देबिया पुत्र चैतुवा द्वारा दिनांक 12.02.2026 को थाना मटौंध पर सूचना दी गई कि दिनांक 06.08.2025 को उनकी जमीन को कुछ लोगों द्वारा योजना बनाकर कूटरचित दस्तावेजों व आधार कार्ड का प्रयोग कर उनकी हटेटी पुरवा की लगभग 34 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री बिजली खेड़ा निवासी आजम खान के नाम कर दी है। जिसके सम्बन्ध में थाना मटौंध पर अभियोग पंजीकृत करते हुए पूर्व में घटना में शामिल कुल 07 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु की जा रही कार्यवाही के क्रम में गुरुवार को थाना मटौंध पुलिस द्वारा 25-25 हजार रुपए के 02 इनामियां अभियुक्तों व लेखपाल सहित कुल 04 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूरे प्रकरण में अब तक कुल 07 अभियुक्तों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बताया कि पूरे प्रकरण में मुख्य अभियुक्त राजेश पुत्र मोहनलाल निवासी खाईपार हाल पता बिजली खेड़ा थाना कोतवाली नगर जनपद बांदा है जो अपने साथियों हरीकरनअनिल,रज्जू, खेमराज,केदार आदि के साथ मिलकर फर्जी जमीनों की रजिस्ट्री/खरीद-बिक्री कराने का गिरोह चलाता है। इसके द्वारा जमीन खरीद-बिक्री से लेकर,फर्जी/कूट रचित दस्तावेज तैयार कराने,पैसे का लेन-देन व मध्यस्थता आदि कराने के साथ-साथ फर्जी गवाह व फर्जी जमीन विक्रेता बनाने/व्यवस्था कराने का कार्य किया जाता था। जिसमें इसका मदद चकबंदी लेखपाल विजय प्रकाश पुत्र धर्मनारायण निवासी पियरा थाना मऊ जनपद चित्रकूट द्वारा जमीनों की जानकारी देकर की जाती थी जैसे- कौन सी जमीनों का वारिस कोई नहीं है या आर्थिक रुप से कमजोर है, या जिसको कानून की जानकारी कम है। कौन से जमीन के मालिक की मृत्यु हो चुकी हो आदि प्रकार की जानकारी देने के साथ-साथ जमीनों के कागजात उपलब्ध कराया जाता था। इस प्रकरण में आजम खान पुत्र अयूब खान जमीन का खरीददार है। जो यह जानते हुए भी कि यह फर्जी रजिस्ट्री है। फिर भी उसके द्वारा जमीन को खरीदा गया था। कूट रचित दस्तावेजो/आधार कार्ड आदि को उपलब्ध/तैयार कराने कराने का कार्य श्रीराम पुत्र राजकुमार निवासी करछा थाना मटौंध जनपद बांदा द्वारा किया जाता था। जिसे वह क्योटरा के पास स्थित श्रीराम मोबाइल प्वाइंट नामक दूकान से किया जाता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश पुत्र मोहनलाल निवासी खाईपार हाल पता बिजली खेड़ा थाना कोतवाली नगर,विजय प्रकाश पुत्र धर्मनारायण निवासी पियरा थाना मऊ जनपद चित्रकूट (चकबंदी लेखपाल),श्रीराम पुत्र राजकुमार निवासी करछा थाना मटौंध (फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला),हरीकरन पुत्र नत्थू निवासी करछा थाना मटौंध को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। वही इसके पूर्व में आजम खान पुत्र अयूब खान निवासी बिजली खेड़ा थाना कोतवाली नगर,भागवत प्रसाद उर्फ बबलू पुत्र विष्णु निवासी जौरही थाना कोतवाली देहात,दिलीप पुत्र इन्द्रपाल निवासी लुकतरा थाना कोतवाली देहात,रज्जू उर्फ नेमकुमार पुत्र मूलचन्द्र निवासी गोड़ी बाबा खुटला थाना कोतवाली नगर,अनिल कुमार पुत्र रामकेश निवासी पिपरगवां थाना तिंदवारी,खेमराज उर्फ सन्तोष पुत्र राजा भइया निवासी इटवां थाना मटौंध,केदार पुत्र शिवनंदन निवासी इंटवा थाना मटौंध को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अभियुक्तो के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड बनाने के उपकरण,02 लैपटाप,01 सीपीयू,01 कलर प्रिंटर,06 चेक 38 लाख रुपए का ( 04 एचडीएफसी बैंक व 02 आर्यवर्त बैंक ),02 सेट जमीन रजिट्री की छायाप्रति,41 आधार कार्ड,01 ई-श्रम कार्ड,01 वोटर कार्ड,01 पैन कार्ड बरामद हुए हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र सिंह,निरीक्षक इंदल यादव,उप निरीक्षक शिवाजी मौर्य,आरक्षी श्याम मोहन,पुष्पेन्द्र कुमार शामिल रहे।