फरसा बाबा की मौत को लेकर जांच में चौकानें वाला हुआ है। बवाल कराने में बाहरी लोगों के नाम भी सामने आये हैं। जिन्होंने बवाल कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
गो तस्करों की तलाश में निकले गो भक्त फरसा बाबा की मौत के बाद बवाल नहीं होता, लेकिन स्थानीय राजनीति और सीमा पार से आए कुछ लोगों ने बवाल को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जांच में सामने आया है कि हरियाणा और अलवर के कुछ लोग घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को उकसाने का काम किया। एक बारगी पूरा मामला निपट गया था। मगर बाहरी लोगों ने जाम नहीं खुलने दिया। पहले तो स्थानीय अधिकारियों के समझाने पर ही समर्थक जाम खोलने पर सहमत हो गए थे, लेकिन चंद स्थानीय लोगों ने राजनीति चमकाने के लिए लोगों को उकसा कर जाम नहीं खुलने दिया। जांच में सामने आया है कि इसी दरम्यान अलवर और हरियाणा से कथित गोसेवक वहां पहुंच गए थे, जिन्होंने लोगों को पथराव करने के लिए उकसाया। जिले में सबसे अधिक मुस्लिम कोसीकलां में है। जाम भी कोसी में लगा हुआ था। ऐसे में बवाल बढ़ने की आशंका थी, लेकिन इसी दरम्यान डीआईजी शैलेश पांडेय मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने को सख्ती दिखाई। उन्होंने पुलिस को लाठियां फटकराने का आदेश दिया तब पुलिसकर्मियों ने हंगामा करने वालों को खदेड़ा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि कोसी में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। हादसा खराब मौसम और कोहरे के कारण हुआ। कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। जांच के बाद ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक एक दर्जन से अधिक उपद्रवी किये जा चुके हैं गिरफ्तार
गोसेवक फरसे वाले बाबा की मौत के बाद छाता जा रहे गोसेवक दक्ष चौधरी समेत 13 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और अफवाह फैलाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि दक्ष चौधरी अपने समर्थकों के साथ छाता जा रहे थे। सभी को नौहझील पुलिस ने रास्ते में रोककर गिरफ्तार किया गया। इस दौरान सभी ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने सभी को जीप में बैठाया और थाने लेकर पहुंचे।