चिकित्सा स्वास्थ्य की बैठक में कमिश्नर ने स्वास्थ्य रैकिंग में सुधार लाये जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मरीजों के इलाज में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है।
चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मण्डलीय एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान आयुक्त अजीत कुमार ने मण्डल की चिकित्सा सेवाओं की रैंकिंग में सुधार एवं कार्यों में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।
आयुक्त ने “इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL)” को जनपद बाँदा एवं चित्रकूट में शीघ्र प्रारम्भ कराने के निर्देश जिला चिकित्सालय (पुरुष) के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए। साथ ही जनपद महोबा एवं हमीरपुर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को मानक के अनुरूप सभी आवश्यक जांचें IPHL लैब के माध्यम से कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। जनपद हमीरपुर के जिला पुरुष चिकित्सालय में अब तक ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन यूनिट प्रारम्भ न होने पर आयुक्त अजीत कुमार ने शीघ्र लाइसेंस प्राप्त कर यूनिट प्रारम्भ करने के सीएमएस निर्देशित किया। मण्डल,जनपद एवं ब्लाक स्तर के समस्त पर्यवेक्षकीय अधिकारियों के माध्यम से प्रत्येक माह नियमित पर्यवेक्षण भ्रमण कर चेकलिस्ट में अद्यतन जानकारी भरने तथा चिन्हित कमियों (गैप) के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित इकाई,ब्लाक एवं जनपद स्तर पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को दिए। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर इशेंशियल ड्रग लिस्ट (EDL) के अनुसार दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं उनकी अद्यतन सूची ओपीडी परिसर में प्रदर्शित कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को समय से खोले जाने तथा चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। दिव्यांगजनों को समय से दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने हेतु आयुक्त ने निर्देश दिए कि निर्धारित दिवसों पर दिव्यांग बोर्ड के चिकित्सक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इसके अतिरिक्त तहसील दिवसों के दौरान भी विशेष कैंप लगाकर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। बैठक में यह निर्देश दिए कि जिन संकेतकों (इंडीकेटर्स) पर प्रगति संतोषजनक नहीं है, उनमें आगामी माह तक अपेक्षित सुधार अवश्य परिलक्षित होना चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों (70 वर्ष से अधिक आयु) का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए। जिससे उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। आयुक्त ने वी.एच.एन.डी. सत्रों के नियमित आयोजन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि सत्र समय से आयोजित हों तथा आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गुणवत्तापूर्ण मोबिलाइजेशन किया जाए। डॉक्टरों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को ई-संजीवनी पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने तथा आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश आयुक्त द्वारा दिए गए। साथ ही सभी संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। मरीजों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए आयुक्त ने पंजीकरण व्यवस्था को सरल एवं डिजिटल बनाने पर बल दिया। जिला चिकित्सालयों में ओपीडी पर्चे की लंबी लाइनों से राहत दिलाने हेतु आभा (ABHA) के माध्यम से डिजिटल पंजीकरण प्रणाली अपनाने और आमजन को इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने अस्पतालों में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, मरीजों के साथ शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी।