बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ओरछा से शुरू करेगा यात्रा, ढाई माह में 15 जिलों में पदयात्रा और चौपालें आयोजित कर जुटाएगा समर्थन
कुलपहाड़ (महोबा)। बुंदेलखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने नवंबर माह में ‘जन आक्रोश यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। यह यात्रा पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ियों के काफिले के साथ मध्य प्रदेश के ओरछा (रामराजा सरकार की नगरी) से शुरू होगी।
कुलपहाड़ कस्बे में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने इस महत्वपूर्ण यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ‘जन आक्रोश यात्रा’ लगभग ढाई माह तक चलेगी और इसकी कुल दूरी लगभग तीन हजार किलोमीटर होगी।
इन जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा
भानु सहाय ने बताया कि यह यात्रा ओरछा से शुरू होकर निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, उरई, दतिया, ललितपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और झांसी जैसे करीब 15 जिलों के ग्रामों से होकर गुजरेगी।
समर्थन जुटाने की रणनीति
यात्रा के दौरान मोर्चा के कार्यकर्ता गांवों-गांवों में पदयात्राएं और चौपालें आयोजित करेंगे। वहीं, जिला मुख्यालयों पर पहुंचकर जिला अधिवक्ता संघ के साथ संवाद कार्यक्रम होंगे और बाजारों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे। भानु सहाय ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से समर्थन जुटाना है।
मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है, जिसके चलते रोजगार, सिंचाई और विकास की स्थिति दयनीय बनी हुई है। इस ‘जन आक्रोश यात्रा’ के माध्यम से क्षेत्र की जनता की आवाज़ को प्रदेश और देश की राजधानी तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में मनोज तिवारी, मुकेश विकास गुप्ता, पूर्व ब्लाक प्रमुख राजेश चौबे, एडवोकेट भारत सिंह, इंद्रपाल सिंह, प्रतीक यादव, बलवीर सिंह यादव और कल्याण सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।






