नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी को मिली हार के बाद सत्ताधारी दल के भीतर घमासान बढ़ गया है। हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और मामले की जांच के लिए संगठन ने समिति गठित कर दी है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और क्रॉस वोटिंग के आरोपों में कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
झांसी में नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव के बाद शनिवार को महापौर के कक्ष में उस समय स्थिति गरमा गई, जब कार्यकारिणी चुनाव में पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी रितिका तिवारी ने अपनी हार का मुद्दा उठाया। उन्होंने पार्टी के कुछ पार्षदों पर भितरघात का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और निष्कासन की मांग की। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य चुने गए सुनील नैनवानी से उनकी बहस भी हुई। छह वोट मिलने के बाद उठे सवाल
कार्यकारिणी चुनाव में पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी रितिका तिवारी को छह वोट मिले, जबकि पार्टी की ही बागी प्रत्याशी नीता यादव ने 10 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। चुनाव में पार्टी के सात पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने की बात सामने आई। इसके बाद रितिका तिवारी ने पार्टी संगठन के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए कुछ पार्षदों की भूमिका पर सवाल उठाए।
रितिका का आरोप था कि उनके कुछ मतदाताओं के वोट सुनील नैनवानी के पक्ष में डलवाए गए। हालांकि नैनवानी ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें चुनाव में निर्धारित नौ मतदाताओं में से ही वोट मिले और उन्होंने किसी के वोट प्रभावित नहीं कराए। महापौर के कक्ष में दोनों पक्षों के बीच हुई बहस के दौरान मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया गया। रितिका ने कहा कि वह पार्टी की अनुशासित कार्यकर्ता हैं, लेकिन पार्टी का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
हार के बाद रितिका तिवारी ने महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच की मांग की थी। उन्होंने चार पार्षदों की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उनके नाम भी दिए थे। इसके बाद संगठन ने पार्षद दल के नेता नरेंद्र नामदेव और सचेतक मुकेश सोनी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। दो सदस्यीय समिति को तीन दिन के भीतर बिंदुवार रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी को किन परिस्थितियों में हार का सामना करना पड़ा और क्रॉस वोटिंग में किन पार्षदों की भूमिका रही। रिपोर्ट के आधार पर संगठन आगे की कार्यवाही तय करेगा।