प्रयागराज-हनीट्रैप मामले में रेस्ट हाउस की डिजिटल जांच तेज

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हनीट्रैप के आरोपों से जुड़े मामले में एक महिला के रेलवे के ऑफिसर रेस्ट हाउस में ठहरने को लेकर जांच का दायरा बढ़ गया है। रेलवे प्रशासन अब रेस्ट हाउस की बुकिंग और वहां आने-जाने से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि महिला के ठहरने की व्यवस्था किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में की गई थी।
प्रयागराज जंक्शन स्थित रेलवे ऑफिसर रेस्ट हाउस में महिला के ठहरने का मामला सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन सक्रिय हुआ है। जांच में पता चला कि महिला के लिए रेस्ट हाउस की बुकिंग रेलवे के ही एक अधिकारी की यूजर आईडी से कराई गई थी। इसके बाद उत्तर मध्य रेलवे के उच्च अधिकारियों ने बुकिंग से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड के साथ-साथ रेस्ट हाउस में आवाजाही के विवरण की जांच शुरू कर दी है। रेलवे प्रशासन करीब एक माह के बुकिंग रिकॉर्ड को खंगाल रहा है।
आरपीएफ अधिकारी की शिकायत पर हुई थी गिरफ्तारी
मामले में झांसी मंडल के आरपीएफ अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस कार्रवाई हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात पुलिस ने प्रयागराज स्थित रेस्ट हाउस से महिला यूट्यूबर मरीना लाजरस को गिरफ्तार किया था और उसे अपने साथ ले गई थी। अब जांच में रेस्ट हाउस की बुकिंग के डिजिटल रिकॉर्ड को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे अधिकारी की यूजर आईडी से बुकिंग होने के कारण यह भी देखा जा रहा है कि बुकिंग किस प्रक्रिया के तहत की गई और इसका उपयोग किस उद्देश्य से हुआ।
उच्च स्तर पर हो रही जांच
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा के अनुसार, मामले की निष्पक्ष जांच उच्च स्तर पर की जा रही है। जांच के दौरान रेस्ट हाउस की बुकिंग और आवाजाही से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला के रेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था कैसे हुई और इसमें किसी रेलवे कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका थी या नहीं।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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