कारोबारी तथा उनकी पत्नी,बेटी और बेटे के सामूहिक हत्याकांड को अंजाम कारोबारी के बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर दिया था। जो खुद भी बंटवारे के विवाद में मारा गया।
शहर के साउथ मलाका में हुए कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे के सामूहिक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या को अंजाम कारोबारी के बेटे ने ही दिया था। जो बाद में खुद भी बंटवारे के विवाद में मारा गया। पुलिस के अनुसार कारोबारी के बेटे अभिषेक ने ही अपने एक दोस्त की मदद से अपने माता-पिता, बहन की हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे सारे जेवरात लूट लिए। बंटवारे को लेकर विवाद होने के बाद दोस्त ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बुधवार को घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार रविवार को हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। जबकि बदबू आने पर मंगलवार को घटना का पता चला था। यह था पूरा मामला
प्रयागराज शहर के बीचों-बीच साउथ मलाका के सब्जी मंडी चौराहा स्थित मकान में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की सिर कुंचकर हत्या कर दी गई। मंगलवार को दुर्गंध आने पर घर का ताला तोड़ा गया तो कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), पत्नी अनीता (65), बेटी मीनाक्षी (45) और बेटे अभिषेक (40) के शव अलग-अलग कमरे में खून से लथपथ पड़े मिले। चारों के सिर पर गहरी चोट के निशान थे। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की संपत्ति के लालच में वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई गई थी। दुकान में मिला बेटे का शव
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर पूरे मकान को खंगाला गया। घर के एक-एक कमरे की स्थिति समझी गई। इस दौरान तीन शव मिलने की बात ही सामने आई। चर्चा होती रही कि बेटा लापता है। इसी बीच पुलिस ने दुकान खुलवाई तो देर शाम बेटे अभिषेक का शव भी पड़ा मिला। उसके सिर पर भी गंभीर चोट के निशान थे। चेहरा काला पड़ा हुआ था। उसे पहचानना मुश्किल हो रहा था। आसपास के लोगों से पहचान कराई गई।