महोबा जनपद के प्राथमिक विद्यालय न्यूरिया,उच्च प्राथमिक विद्यालय रिवई सुनैचा तथा उचित दर की दुकान रिवई सुनैचा का कमिश्नर ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षक गायब मिले। वही विद्यालय के ब्लैक बोर्ड पर दिनांक 09 फरवरी का लेख अंकित मिला। जिससे यह प्रतीत हुआ कि उक्त कक्षा में नियमित शिक्षण कार्य नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान ज्यादातर छात्र बिना स्कूल बैग,ड्रेस एवं जूतों के उपस्थित मिले। जिस लर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई। कुछ देर में बद प्रधानाध्यापिका कक्षा में पहुंची। जानकारी लेने पर बताया कि वह मिड डे मील बना रही रसोईया का काम देखने गई थी। इसी क्रम में उनसे शिक्षण पद्धति (Teaching method) के संबंध जानकारी ली गई। लेकिन वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकी। कक्षा-1 के निरीक्षण में सहायक अध्यापिका रजनी सिंह अपने बच्चे के साथ विद्यालय में उपस्थित मिली। तथा कक्षा में छात्र अव्यवस्थित अवस्था में बैठे मिले। उक्त स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए आयुक्त अजीत कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोबा को संबंधित अध्यापिकाओं से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कमिश्नर अजीत कुमार ने उच्च प्राथमिक विद्यालय,रिवई सुनैचा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कक्षा-4 में सिद्धार्थशंकर,अध्यापक हिंदी पढ़ाते हुए मिले। किंतु कक्षा में स्थापित डिजिटल बोर्ड/प्रोजेक्टर प्लास्टिक कवर से ढका पाया गया। जिससे स्पष्ट हुआ कि उपलब्ध आधुनिक संसाधनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। कक्षा-1 में विद्युत आपूर्ति पूर्णतः बाधित मिली। पंखे एवं बल्ब निष्क्रिय अवस्था में पाए गए। विद्यालय भवन की दीवारों में दरारें भी पाई गई। साथ ही अनिल कुमार एवं अनुज प्रताप सिंह, अध्यापक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। आयुक्त अजीत कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उक्त पायी गयी कमियों को तत्काल ठीक कराते हुये तथा गैरहाजिर अध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से अवरुद्ध करते हुए अपना स्पष्टीकरण कार्यालय में उपलब्ध कराएं। इसके बाद कमिश्नर उचित दर की दुकान रिवई सुनैचा का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकान संचालक के स्थान पर उनका साला शानू सिंह मौके पर मिला। जो कि नियमों के विपरीत है। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई कि राशन वितरण के साथ उपभोक्ताओं को चाय पत्ती,निरमा एवं साबुन खरीदने हेतु बाध्य किया जाता है। जो कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में आयुक्त द्वारा जिला पूर्ति अधिकारी,महोबा को निर्देशित किया गया कि उक्त प्रकरण की जांच कर अपना स्पष्टीकरण आयुक्त कार्यालय को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिससे दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। आयुक्त, चित्रकूटधाम मण्डल अजीत कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता आमजन को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं पारदर्शी सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता अथवा जनहित की उपेक्षा को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों एवं उचित दर की दुकानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार लाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य किया जाए।