नवजात बच्ची को कथित तौर पर बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रसव के बाद मां ने अपनी बच्ची को वापस मांगा तो उसे बच्ची की मौत की बात कहने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ललितपुर शहर के सरदारपुरा मोहल्ला निवासी पूनम लखेरा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी मुलाकात एक आशा कार्यकर्ता के माध्यम से निजी अस्पताल की नर्स सोनम से हुई थी। आरोप है कि सोनम उसे प्रसव के लिए अस्पताल ले गई। 22 अगस्त 2026 की रात करीब 10 बजे पूनम को एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उसने बेटी को जन्म दिया। पूनम के मुताबिक उसने अस्पताल में 19 हजार रुपये एडवांस भी जमा किए थे।
आरोप है कि प्रसव के बाद नर्स सोनम ने नवजात की फोटो खींची और बच्ची को लेकर वहां से चली गई। अगले दिन जब पूनम ने अपनी बेटी के बारे में पूछा तो उसे बच्ची देने से इनकार कर दिया गया। तहरीर के मुताबिक नर्स ने बताया कि बच्ची को अस्पताल मैनेजर भूपत कुशवाहा को दे दिया गया है। बच्ची की मौत बताने का दबाव देने का आरोप
पूनम का आरोप है कि मामले को छिपाने के लिए उसे लोगों से यह कहने को कहा गया कि उसकी बेटी की मौत हो गई है। आरोप है कि बच्ची वापस नहीं करने के एवज में उसे रुपये देने की पेशकश भी की गई। महिला ने तहरीर में यह भी आरोप लगाया कि उसकी नवजात बेटी को नीतेश पटेल के माध्यम से ज्ञानेंद्र अग्रवाल को मोटी रकम लेकर सौंपा गया और रकम आरोपियों के बीच बांट ली गई। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, बच्ची की तलाश में जांच तेज
पुलिस ने पूनम की शिकायत के आधार पर नर्स सोनम, अस्पताल मैनेजर भूपत कुशवाहा समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात बच्ची को किसके सुपुर्द किया गया तथा उसके संबंध में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है। फिलहाल बच्ची को बेचे जाने के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।