घर के सामने बंधे घोड़े को चोरी करने के बाद आरोपी उसे लेकर निकल तो गया, लेकिन घोड़े पर सवार होने के बजाय पैदल ही चलने लगा। पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को पकड़ लिया और चोरी हुआ घोड़ा भी बरामद कर लिया। घटना के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
गोरखपुर में बेलीपार थाना क्षेत्र के बेतऊआ उर्फ चनऊ गांव निवासी सुरेंद्र यादव घोड़ा-बग्गी चलाते हैं। उनके पास छह घोड़े हैं, जिन्हें वह घर के सामने बांधकर रखते हैं। 20 अगस्त की रात एक व्यक्ति उनका एक घोड़ा खोलकर ले गया। सुबह घोड़ा गायब मिला तो उन्होंने काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की तलाश
घोड़ा चोरी होने की सूचना मिलने पर मालिक ने पुलिस को तहरीर दी। बेलीपार पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने संभावित स्थानों पर तलाश के साथ आरोपी की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में सुराग मिला। शुक्रवार सुबह महावीर छपरा चौराहे के पास से पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसकी पहचान बहीडाड़ी वार्ड नंबर एक निवासी विकास कुमार के रूप में हुई। आरोपी की निशानदेही पर बरामद हुआ चोरी का घोड़ा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया घोड़ा भी बरामद कर लिया गया। घोड़ा मिलने के बाद मालिक ने राहत की सांस ली। पुलिस आरोपी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। घोड़ा चोरी करने के बाद उसे लेकर पैदल निकलने की घटना ने मामले को खासा दिलचस्प बना दिया। पुलिस की तत्परता से वारदात के अगले ही दिन आरोपी और चोरी का घोड़ा दोनों बरामद हो गए।