यात्रियों से अवैध वसूली करते रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी किन्नरों के गिरोह को पकड़ा है। जिनके के विरुद्ध पुलिस ने कार्यवाही की है।
कानपुर सेंट्रल पर सफर करने वाले रेल यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत को लेकर रेलवे पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों के भीतर यात्रियों से जबरन अवैध वसूली करने, पैसे न देने पर गाली-गलौज और अभद्रता करने वाले नौ शातिर फर्जी किन्नरों को दबोच लिया गया है।राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर इन सभी आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी के खिलाफ शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। जीआरपी और आरपीएफ के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार को रेलवे कंट्रोल रूम और मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कानपुर सेंट्रल के प्लेटफॉर्म नंबर 10 पर फर्जी किन्नरों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों और ट्रेनों के भीतर घुसकर लोगों को घेर रहा था और उनसे जबरन पैसों की मांग कर रहा था। हद तो तब हो गई जब कुछ यात्रियों द्वारा पैसे देने से मना करने पर इन फर्जी किन्नरों ने सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी, अश्लील हरकतें कीं और यात्रियों के साथ तीखी नोकझोंक व विवाद पर उतारू हो गए। यात्रियों की परेशानी और स्टेशन के माहौल को बिगड़ता देख जीआरपी और आरपीएफ की एक संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर धावा बोल दिया और चारों तरफ से घेराबंदी करके नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ बताये फर्जी नाम
कड़ाई से की गई शुरुआती पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से अपने नाम पुष्पा, सीता, रीता, रानी, गीता, मंजू, संजू, पिंकी और रिंकी बताए। हालांकि, गहनता से जांच करने पर पुलिस को पता चला कि आरोपियों द्वारा बताए गए ये सभी नाम पूरी तरह से काल्पनिक और फर्जी हैं। यह सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले पुरुष हैं। जो भेष बदलकर और फर्जी किन्नर बनकर भोले-भाले यात्रियों को डराने-धमकाने और उनसे मोटी रकम ऐंठने का संगठित गिरोह चला रहे थे। इनका मकसद ट्रेनों में सफर करने वाले परिवारों, विशेषकर महिला और बुजुर्ग यात्रियों को निशाना बनाकर अवैध रूप से कमाई करना था।