पत्नी को आगरा स्थित सेना की कैंटीन ले जाने का बहाना बनाकर उसकी हत्या कर शव नहर में फेंकने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने सेना के जवान को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में पत्नी की हत्या कर शव हजारा नहर में फेंकने की बात स्वीकार की है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक शव बरामद नहीं हो सका था। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर नहर में शव की तलाश करा रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फौजी रमाकांत की पत्नी सोनी अपने बच्चों के साथ एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र में किराये के मकान में रहती थी, जबकि उसका मायका मैनपुरी जनपद में है। छह जुलाई को रमाकांत पत्नी को आगरा स्थित सेना की कैंटीन से सामान दिलाने के बहाने कार से घर से लेकर निकला। उसके साथ गांव का एक युवक अजय भी मौजूद था। इसके बाद सोनी घर नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद उसकी मां सरोज देवी ने बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए रमाकांत और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की कार से सोनी की टूटी हुई चूड़ियां मिलीं। इससे अंदेशा हुआ कि हत्या से पहले कार के अंदर संघर्ष हुआ था और सोनी ने खुद को बचाने का प्रयास किया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रास्ते में पहले पत्नी के साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को आगरा रोड स्थित हजारा नहर में फेंक दिया। वारदात के बाद वह पहले पठानकोट गया और बाद में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में अपनी ड्यूटी पर पहुंच गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने न्यायालय से आरोपी के खिलाफ वारंट जारी कराया और सेना के अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद कोतवाली नगर पुलिस की टीम सेना के सहयोग से जलपाईगुड़ी के मालबाजार स्थित तैनाती स्थल से आरोपी को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर एटा ले आई। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते आरोपी ने वारदात की साजिश रची। पुलिस आरोपी के साथी अजय की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही आरोपी की निशानदेही पर हजारा नहर में शव की तलाश जारी है।