अयोध्यावासी वैश्य समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। समाज के लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर आरक्षण के दायरे में शामिल किए जाने समेत अन्य मांगें उठाईं।
समाज के लोगों का कहना है कि अयोध्यावासी वैश्य समाज को पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने की मांग लंबे समय से शासन के समक्ष रखी जा रही है। बुधवार को बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में अयोध्यावासी वैश्य समाज को पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही समाज के लोगों ने उत्पीड़न रोकने के लिए एससी-एसटी एक्ट की तर्ज पर वैश्य एक्ट बनाए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए। मांग पूरी करने वाले दल के समर्थन की कही बात
कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने कहा कि जो राजनीतिक दल या जनप्रतिनिधि अयोध्यावासी वैश्य समाज को आरक्षण के दायरे में लाने और समाज के उत्पीड़न को रोकने के लिए वैश्य एक्ट बनाने की मांग पूरी करेगा, उसके संबंध में समाज राजनीतिक निर्णय लेगा। इस दौरान मांगों के समर्थन में नारे भी लगाए गए। समाज के लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही सामाजिक और आरक्षण संबंधी मांगों को शासन तक पहुंचाना है। बड़ी संख्या में लोगों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से कार्यक्रम के दौरान गहमागहमी रही। ये लोग रहे मौजूद
प्रमोद गुप्ता राजा, वीरेंद्र गुप्ता बाबू, राजकुमार गुप्ता राजू, वृंदावन वैश्य, अजीत गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, विवेकानंद गुप्ता, शिवपूजन गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, रत्नेश गुप्ता, मनीष गुप्ता, वंदना गुप्ता, पार्वती गुप्ता, सरोज गुप्ता, भानु गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, विनय गुप्ता, संतोष, मनोज गुप्ता, केके गुप्ता, बसंत गुप्ता, अंशु गुप्ता, राजेश गुप्ता, अनशनकारी शिव गोपाल गुप्ता, पुरुषोत्तम गुप्ता, नीतू गुप्ता, अवधेश गुप्ता, खादी पुनीत गुप्ता, गोविंद गुप्ता, दयाराम गुप्ता,श्रीदीप गुप्ता एडवोकेट आदि सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे।