ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। घटनास्थल से मिले छह पन्नों के सुसाइड नोट में एक किशोरी को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने की बात सामने आई है। परिजनों ने किशोरी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फतेहगंज थाना क्षेत्र के डढ़वा मानपुर गांव के कर्मा डाड़ी निवासी आशीष सेन (24) पुत्र रमेश सेन शुक्रवार रात देवी दर्शन करने की बात कहकर घर से निकला था। बदौसा थाना क्षेत्र के वकीलन पुरवा के पास उसने ट्रेन से कटकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान मिले आधार नंबर और मोबाइल नंबर के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए।
पुलिस को युवक के पास से छह पन्नों का सुसाइड नोट मिलने की बात कही गई है। इसमें सोनम नाम की किशोरी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। मृतक के चचेरे भाई पुष्पेंद्र ने आरोप लगाया कि गांव की एक किशोरी ने आशीष पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया था। उसका कहना था कि 15 अक्टूबर 2026 को आशीष गांव में नहीं था, बल्कि अपने मामा के यहां भारतपुर, भरतकूप में था।
पुष्पेंद्र के मुताबिक, किशोरी कथित तौर पर आशीष को बार-बार प्रताड़ित कर रही थी और पुलिस भी शिकायत के बाद उसे परेशान कर रही थी। परिजनों का आरोप है कि इसी से परेशान होकर आशीष ने आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों ने बताया कि आशीष गांव में पेंटिंग का काम करता था और जरूरत पड़ने पर मजदूरी भी करता था। वह हत्या के एक मामले में जेल जा चुका था और कुछ महीने पहले जमानत पर बाहर आया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मामले में सुसाइड नोट और परिजनों के आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सुसाइड नोट की जांच से स्पष्ट होंगे तथ्य
युवक के पास से बरामद बताए जा रहे छह पन्नों के सुसाइड नोट में लिखी बातों की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। पोस्टमार्टम के बाद जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और सुसाइड नोट में दर्ज बातों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।