बाँदा-साइबर अपराध की कार्यवाही में पुलिस का 2025 में रहा शानदार रिकॉर्ड

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वर्ष 2025 में साइबर अपराध की कार्यवाही में भी पुलिस का शानदार रिकॉर्ड रहा है। जालसाजों से एक करोड़ की रकम वापसी कराने में महज एक कदम पुलिस दूर रही है। वहीं पूरे साल में धोखाधड़ी के 16 मुकदमे भी दर्ज किए गए।
एडीजी जोन प्रयागराज संजीव गुप्ता के डायरेक्शन तथा डीआईजी चित्रकूट धाम राजेश एस के निर्देशन पर 2025 में बाँदा पुलिस का शानदार परफार्मेंस रहा है। अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश में पुलिस द्वारा वर्ष 2025 के दौरान जनपद में साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम, पीड़ितों को त्वरित न्याय एवं डिजिटल सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सुनियोजित एवं निरंतर अभियान चलाया गया। साइबर अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा को सुदृढ़ करते हुए तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग किया गया। जिससे वर्ष भर साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकी। वर्ष 2025 में साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा को पीआरओ,ऑनलाइन एनसीआरपी पोर्टल तथा थाने पर प्राप्त कुल 1855 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें PRO के माध्यम से 108,NCRP पोर्टल से 1622 तथा थाने पर प्राप्त 125 ऑनलाइन शिकायतें शामिल रहीं। बांदा पुलिस द्वारा प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों की जांच करते हुए कुल 1633 शिकायतों का सफल निस्तारण किया गया। जिससे पीड़ितों को समयबद्ध राहत प्रदान की जा सकी। एसपी पलाष बंसल ने बताया कि साइबर अपराधों से संबंधित कुल 16 अभियोग वर्ष 2025 में पंजीकृत किए गए। जिनमें से 10 मामलों का निस्तारण किया गया। सभी मामलों में कुल ₹87,36,778/- की साइबर ठगी दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा त्वरित तकनीकी एवं विधिक कार्यवाही करते हुए ₹36,38,900/- की धनराशि बरामद कर पीड़ितों को रकम वापस कराई गई। जिससे लगभग 41.65 प्रतिशत की रिकवरी संभव हो सकी। ऑनलाइन एवं NCRP पोर्टल पर पंजीकृत शिकायतों के माध्यम से सामने आए मामलों में वर्ष 2025 के दौरान कुल ₹3,74,56,581/- की साइबर ठगी की जानकारी प्राप्त हुई। बांदा पुलिस द्वारा त्वरित समन्वय एवं तकनीकी कार्यवाही करते हुए ₹97,30,925/- की धनराशि होल्ड कराई गई तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत ₹96,61,316/- की धनराशि पीड़ितों के खातों में सफलतापूर्वक वापस कराई गई। कार्यवाही पीड़ितों में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने वाली रही। वर्ष 2025 के दौरान साइबर अपराधों में प्रयुक्त अथवा संलिप्त पाए गए 1168 मोबाइल नंबर तथा 1991 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए, जिससे साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सका । इसके अतिरिक्त CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 867 गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर संबंधित आवेदकों को सुपुर्द किए गए। विभिन्न मामलों में अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन,सिम कार्ड,एटीएम कार्ड,आधार कार्ड,फर्जी दस्तावेज एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद कर विधिक कार्यवाही की गई। पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ साइबर जागरूकता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई । वर्ष भर जनपद के विद्यालयों,महाविद्यालयों, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों तथा सरकारी कार्यालयों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को फर्जी कॉल,फर्जी लिंक,सोशल मीडिया ठगी,ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी, OTP व बैंकिंग जानकारी साझा न करने,मजबूत पासवर्ड के उपयोग तथा सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
एसपी ने की अपील
पुलिस अधीक्षक पलाष बंसल ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी अथवा ऑनलाइन फ्राड की स्थिति में घबराएँ नहीं,बल्कि तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। अथवा NCRP पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें। समय पर दी गई सूचना से न केवल धनराशि को सुरक्षित किया जा सकता है,बल्कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही भी संभव हो पाती है। एसपी ने कहा कि बाँदा पुलिस जनपद को साइबर अपराध मुक्त एवं डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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