पशु चोरी की घटना का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई भैंस और पड़वा बरामद करने के साथ ही वारदात में इस्तेमाल लोडिंग वाहन भी कब्जे में लिया गया है।
कालिंजर थाना क्षेत्र के ग्राम गुढ़ाकला निवासी लालबाबू ने 13 अगस्त की देर रात भैंस चोरी होने की सूचना पुलिस को दी थी। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया था। लगातार सुरागरसी और पतारसी के बाद पुलिस को आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बसराही तिराहे के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की गई एक भैंस, एक पड़वा और घटना में प्रयुक्त लोडिंग वाहन बरामद किया गया। सीओ नरैनी प्रवीण कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में महेन्द्र पुत्र रामबोल और आशीष पुत्र साकेत बिहारी, दोनों ग्राम टेढ़ी कबरी थाना सरवई, जिला छतरपुर (मध्य प्रदेश) के निवासी हैं। तीसरा आरोपी निशान्त पुत्र सुरेश ग्राम बसराही, थाना कालिंजर का रहने वाला है। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने की कार्यवाही
थाना कालिंजर में मुकदमा संख्या 121/26 के तहत धारा 303(2)/317(2) बीएनएस में अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पशु चोरी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित साथियों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष कालिंजर दारा सिंह, उपनिरीक्षक प्रवेश कुमार मिश्र, कांस्टेबल आशीष कुमार, राहुल, अजयपाल और सूरज कुमार शामिल रहे।