बाँदा-धोखाधड़ी के शिकार दर्जनों पीड़ितों के खाते में वापस कराई गई 20 लाख से अधिक की रकम

SHARE:

अलग-अलग तरीकों से जालसाजों द्वारा की गई साइबर ठगी/धोखाधड़ी के शिकार होने वाले 15 पीड़ितों के खाते में साइबर क्राइम टीम ने 20.34 लाख से अधिक रुपए वापस कराये हैं। अधिकांश मामलों में साइबर ठगों द्वारा लोगों को ट्रेडिंग एवं निवेश आदि में अत्यधिक लाभ का लालच देकर लोगों से साइबर ठगी की थी।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन,अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण एवं सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम मेविस टॉक के नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए विभिन्न माध्यमों से साइबर ठगी/ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए 15 पीड़ितों के खाते में कुल 20,34,118 रुपए सफलतापूर्वक वापस कराये गये है। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा,निवेश,पार्ट टाइम जॉब,व्यापार में कम समय में अधिक लाभ,फर्जी लिंक,सोशल मीडिया एवं अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने जाल में फंसाकर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त साइबर अपराधियों/ठगों द्वारा लोगों की मानवीय संवेदनाओं एवं भावनात्मक कमजोरियों का फायदा उठाते हुए स्वयं अथवा परिजनों के गंभीर रूप से बीमार होने,आकस्मिक दुर्घटना, चिकित्सा उपचार हेतु तत्काल धनराशि की आवश्यकता होने जैसे भावनात्मक बहाने बनाकर भी लोगों से ऑनलाइन ठगी कर लेते हैं। कई मामलों में साइबर अपराधियों द्वारा परिचित अथवा रिश्तेदार बनकर तत्काल आर्थिक सहायता की मांग कर लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना लेते है। इस तरह के सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल द्वारा साइबर क्राइम पुलिस थाना की टीम को प्रभावी कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देश दिए गए थे। उक्त निर्देशों के क्रम में साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा के प्रभारी निरीक्षक राम मोहन राय व उनकी टीम द्वारा प्राप्त सभी शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंकिंग संस्थाओं,वित्तीय पोर्टलों एवं अन्य तकनीकी माध्यमों व विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए तकनीकी निगरानी,डिजिटल ट्रांजैक्शन विश्लेषण,गहन पड़ताल एवं प्रभावी पत्राचार के माध्यम से साइबर ठगी में फंसी धनराशि को होल्ड/फ्रीज कराते हुए कुल ₹20,34,118 की धनराशि सभी पीड़ितों के खातों में सफलतापूर्व वापस कराई गई। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अधिकांश मामलों में साइबर ठगों द्वारा लोगों को ट्रेडिंग एवं निवेश आदि में अत्यधिक लाभ का लालच देकर,फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं मोबाइल एप्लीकेशन आदि के माध्यम से साइबर ठगी/धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया था। इसके अतिरिक्त कुछ मामलों में साइबर ठगों द्वारा सोशल मीडिया,फर्जी कॉल एवं भ्रामक लिंक आदि के माध्यम से परिचित,रिश्तेदार व मित्र आदि बनकर आपातकालीन आर्थिक सहायता की मांग करते हुए विश्वास में लेकर साइबर धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया था। सभी आवेदकों/पीड़ितों द्वारा अपनी धनराशि वापस पाने पर पुलिस टीम की सराहना करते हुए ह्रदय से धन्यवाद दिया गया।
पुलिस ने की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक,कॉल,मैसेज अथवा ऑनलाइन निवेश संबंधी प्रलोभन में न आएं तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम साइबर थाना/पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

Leave a Comment