बाँदा-सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यटन,लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का माध्यम है कालिंजर महोत्सव-रीभा

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कालिंजर महोत्सव जनपद की सांस्कृतिक विरासत,पर्यटन एवं लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक माध्यम है। इसलिए कालिंजर महोत्सव को भव्य तरीके से मनाए जाने की तैयारियां पूर्ण की जाए। उपरोक्त निर्देश डीएम ने बैठक में दिए।
जिलाधिकारी जे0 रीभा की अध्यक्षता में आगामी माह फरवरी में 15 से 17 फरवरी को प्रस्तावित कालिंजर महोत्सव के आयोजन की तैयारियों सेे सम्बन्धित बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी जे रीभा ने महोत्सव के आयोजन को भव्य,दिव्य,सुव्यस्थित एवं ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप सम्पन्न कराने के निर्देश दिये। डीएम ने कहा कि कालिंजर महोत्सव जनपद की सांस्कृतिक विरासत,पर्यटन एवं लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक माध्यम है। जैसा कि सभी लोगों को अवगत होगा कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह 26 जनवरी, 2026 को लाल किले परेड में कालिंजर किले से सम्बन्धित झांकी का प्रदर्शन उत्तर प्रदेश से किया गया है। डीएम जे रीभा ने कहा कि सभी आपसी समन्वय से अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्था,यातायात प्रबन्धन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत,स्वास्थ्य सेवायें, कलाकारों की व्यवस्था, मंच एवं ध्वनि प्रणाली एवं फूड कोर्ट सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी। जिलाधिकारी जे रीभा ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्ययोजना बनाकर समयबद्धढंग से तैयारियां सुनिश्चित की जायें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये। उन्होंने यह भी कहा कि महोत्सव के दौरान आने वाले श्रृद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी प्रकार असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेन्द्र,मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय,परियोजना निदेशक डीआरडीए,उप जिलाधिकारी नरैनी अमितई शुक्ला,क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी चित्रकूट मण्डल सहित सम्बन्धित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी,पुलिस प्रशासन एवं आयोजन से जुडे अधिकारी उपस्थित रहे।
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Author: UP TIMES NEWS

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