दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या के मामले में आरोपी पति को न्यायालय ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला वर्ष 2023 में दर्ज किया गया था। विवाहिता की मौत के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
महोबा के कबरई थाना क्षेत्र के छानीकल गांव निवासी आशाराम ने 5 मार्च 2023 को थाना कोतवाली देहात में सूचना दी थी कि उनकी बेटी की शादी वर्ष 2022 में महोखर निवासी धर्मेन्द्र से हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर 2 मार्च 2023 को विवाहिता की फांसी लगाकर हत्या कर दी गई।
मामले में थाना कोतवाली देहात में मुकदमा अपराध संख्या 45/2023 के तहत धारा 498ए, 304बी भादवि तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर गवेन्द्र पाल गौतम ने की। विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। प्रभावी पैरवी से हुई कड़ी सजा
ऑपरेशन कनविक्शन के तहत मामले में प्रभावी अभियोजन एवं पैरवी की गई। लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी नितीश कुमार तथा पैरोकार आरक्षी देवीदयाल के प्रयासों से सत्र न्यायालय बांदा ने आरोपी पति धर्मेन्द्र पुत्र सोदी धूरिया निवासी धौसड़ थाना तिंदवारी, हाल पता महोखर थाना कोतवाली देहात, जनपद बांदा को आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत कार्रवाई
पुलिस के अनुसार मिशन शक्ति अभियान के तहत चिह्नित अभियोगों में त्वरित एवं निष्पक्ष विवेचना, प्रभावी अभियोजन और पैरवी के माध्यम से आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में इस मामले में आरोपी पति को आजीवन सश्रम कारावास की सजा दिलाई गई।