आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। समीक्षा में 51 विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों को दो दिन के भीतर स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में आईजीआरएस की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्राप्त शिकायतों के निस्तारण और शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक की विभागवार समीक्षा की गई। लगातार खराब फीडबैक वाले मामलों पर जिलाधिकारी अमित आसेरी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को 30 सितम्बर 2026 तक संतोषजनक फीडबैक में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पष्ट किया कि 30 सितम्बर तक जिन अधिकारियों का संतोषजनक फीडबैक 75 प्रतिशत से कम रहेगा, उनके वेतन पर नियमानुसार रोक लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने निर्देश दिए कि शेष दो दिनों में अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की जानकारी लें। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत का निस्तारण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, संतोषजनक और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लंबित एवं असंतोषजनक शिकायतों की होगी प्राथमिकता से समीक्षा
अधिकारियों को आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित एवं असंतोषजनक फीडबैक वाली शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वह समाधान से संतुष्ट है और फीडबैक में सुधार हो रहा है। लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि आईजीआरएस की रैंकिंग में सुधार के लिए सभी विभाग व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें तथा शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक माया शंकर यादव सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।