प्री प्लानिंग के तहत युवक की हत्या करने के मामले में अदालत ने प्रेमिका तथा उसके पति को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही भारी भरकम जुर्माना भी लगाया है।
गौरतलब हो कि दिनांक 10.12.2023 को थाना बबेरू क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सतन्याव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में गांव के ही अरुणेश मिश्रा पुत्र आलोक मिश्रा का शव बरामद हुआ था। उसके गले मे गम्भीर चोट के निशान थे। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। मृतक के भाई की तहरीर पर थाना बबेरू में मु0अ0स0 566/23 धारा 394/302/411 के तहत देवेश तथा उसकी पत्नी गीता के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बबेरू पंकज कुमार सिंह द्वारा सम्पादित की गयी थी। विवेचना के क्रम में विवेचक ने घटना का खुलासा करते हुए देवेश पुत्र सत्यदेव निवासी सतन्याव थाना बबेरु,पत्नी
गीता को दिनांक 12.12.2023 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बताया गया कि मृतक अरुणेश मिश्रा का देवेश के पत्नी गीता से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसकी जानकारी देवेश को हो गई थी। देवेश ने अपनी पत्नी गीता की मदद से उसे गांव के सरकारी स्कूल में बुलवाया। तभी देवेश ने अरुणेश का रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद दोनों भाग खड़े हुए थे। वहीं दोनों को जेल भेजने के बाद विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया था।मुकदमे में एसपी पलाश बंसल ने प्रभावी पैरवी कराई। लोक अभियोजक बसंत शिवहरे व शशिभूषण श्रीवास्तव द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई साथ ही कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी मानवेन्द्र तथा पैरोकार आरक्षी चक्रधारी के अथक प्रयासों से दोनो अभियुक्तों (पति-पत्नी) को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास व 86 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।