मॉक ड्रिल के तहत पैलानी के केन नदी घाट पर बाढ़ के दौरान नाव पलटने एवं नदी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बचाने का परिदृश्य प्रस्तुत किया गया। मौके पर पुलिस, गोताखोरों एवं राहत दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण,भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन पर जनपद में गुरुवार को राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। जनपद की बाढ़ संवेदनशील तहसील पैलानी में विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर आधारित अभ्यास कर संबंधित विभागों की तैयारी,समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया।तहसील पैलानी के केन नदी घाट पर बाढ़ के दौरान नाव पलटने एवं नदी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बचाने का परिदृश्य प्रस्तुत किया गया। मौके पर पुलिस, गोताखोरों एवं राहत दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास के माध्यम से नदी दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया गया। तहसील पैलानी के केन नदी घाट में बाढ़ के कारण गाँव के जलमग्न होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर बाढ़ शरणालय तक पहुँचाने की कार्यवाही प्रदर्शित की गई। साथ ही नदी में डूब रहे व्यक्ति को बचाने की कार्रवाई भी की गई। इस दौरान राहत एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय का परीक्षण किया गया। राहत शिविर एवं कम्युनिटी किचन की स्थापना का अभ्यास किया गया। आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय,भोजन एवं आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। साथ ही नदी में डूब रहे व्यक्ति के बचाव का सफल अभ्यास भी किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा राहत शिविर में आवश्यक चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता का प्रदर्शन किया गया। तहसील परिसर में बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के लिए मेडिकल कैम्प की स्थापना तथा घायलों एवं बीमार व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार प्रदान करने का अभ्यास किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आपदा की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता एवं रेफरल व्यवस्था का प्रदर्शन किया गया।
मॉक एक्सरसाइज में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल टीम, लोक निर्माण विभाग द्वारा तकनीकी सहायता, पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं द्वारा बचाव कार्य, विद्युत विभाग द्वारा विद्युत सुरक्षा प्रबंधन तथा राजस्व विभाग द्वारा राहत एवं पुनर्वास गतिविधियों का संचालन किया गया। इसके अतिरिक्त एनसीसी, नेहरू युवा केन्द्र, प्रांतीय रक्षा दल,होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों एवं आपदा मित्रों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान विभिन्न विभागों की तत्परता,संसाधनों की उपलब्धता एवं समन्वित कार्यप्रणाली का परीक्षण करना है, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन के प्रति सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए। मॉक एक्सरसाइज के सफल आयोजन से जनपद में बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी तथा आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकेंगे। इस मॉक अभ्यास में अपर जिलाधिकारी वि0रा0 कुमार धर्मेन्द्र,एएसपी शिवराज,उपजिलाधिकारी अंकित वर्मा,तहसीलदार राधेश्याम सिंह,अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग,अग्निशमन अधिकारी डॉ मतलूब हुसैन,नायब तहसीलदार कृतिका अवस्थी एवं जिला आपदा विशेषज्ञ डॉ प्रभाकर सिंह आदि मौजूद रहे।