बाँदा-हीट वेव को लेकर डीएम ने जारी की एडवाइजरी,सावधानी बरतने की दी सलाह

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हीट वेव को लेकर डीएम तथा एडीएम ने एडवाइजरी जारी की है। साथ ही कहा बिना किसी काम के घर से बाहर न निकले। साथ ही शरीर में पानी की कमी बिल्कुल भी न होने दे।
ग्रीष्म ऋतु के गर्मी लू के प्रकोप को लगातार बढते हुए देखकर तथा भू प्रथ्वी मौसम विज्ञान केन्द्र से जारी चेतावनी के अनुसार लगातार ताप बढ़ने के आसार को देखते हुए जनपद में जिलाधिकारी अमित आसेरी जनपद वासियों से अपील की है कि लू हीट वेब की स्थिति उत्पन्न होने की स्थिति पर तत्काल अस्पताल की शरण लें। शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें।
ह्वीट स्टोक के लक्षण-
त्वचा का लाल, गर्म, शुष्क होना
गर्मी लगना किन्तु पसीना नहीं आना
गर्मी के कारण पल्स का तीव्र होना,
उथले स्वांस गति का तीव्र होना
पर्याप्त मात्रा में पेशाब नहीं जाना
सिरदर्द,मतली,थकान, चक्कर आना और कमजोरी होना।
गर्मी के कारण असमान्य व्यवहार करना, भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने का अनुभव करना।
ह्वीट स्टोक के कारण शरीर में प्रभाव-
उच्च तापमान से शरीर के आंतरिक अंगों को विशेष रूप से मष्तिष्क को नुकसान पंहुचाता है।
हृदय की कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
लू (गर्मी) से बचाव की प्रमुख सावधानियाँ-
धूप से बचें
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
अगर जाना जरूरी हो तो छाया में चलें।
हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
सूती (कॉटन) और हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिर को टोपी, गमछा या छाता से ढकें।
पानी और तरल पदार्थ अधिक लें। दिन भर में बार-बार पानी पीते रहें। ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ, लस्सी का सेवन करें
बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें
संतुलित और हल्का भोजन करें। ताजे फल जैसे तरबूज, खीरा, ककड़ी खाएँ। बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन न लें
घर को ठंडा रखें
दिन में खिड़की-दरवाजे बंद रखें, पर्दे लगाएँ। रात में हवा आने दें। पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करें।
इन चीजों से जरूर करें बचाव
खाली पेट धूप में न निकलें। शराब, चाय-कॉफी का अधिक सेवन न करें। ज्यादा मेहनत या व्यायाम धूप में न करें।
विशेष ध्यान रखें कि बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति जल्दी प्रभावित होते हैं। उन्हें धूप से दूर और ठंडे स्थान पर रखें। लू लगने के लक्षण
तेज बुखार, चक्कर आना
सिरदर्द, उल्टी शरीर में कमजोरी, बेहोशी आदि लक्षण दिखाई देते हैं।
प्रचार माध्यमों पर ह्वीट वेब लू की चेतावनी का पालन करें। अधिक से अधिक पानी पिएँ, प्यास नहीं लगी हो तब भी थोड़ा थोड़ा पानी पीते रहे।
ह्वीट लू तापाघात होने पर बिना देरी किए तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। उल्टी दस्त आदि की शिकायत होने पर तत्काल ओ आर एस का घोल पिएँ।
ऐसे में तुरंत छाया में लाएँ, ठंडा पानी पिलाएँ। शरीर का ताप बढने पर गीले वस्त्रों से त्वचा को बार बार पोंछे। इसी तरह अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व कुमार धर्मेन्द्र ने कृषक भाइयों एवं श्रमिकों से अपील की अपने काम के समय में बदलाव कर प्रातः जल्दी काम प्रारम्भ करें तथा दोपहर होते होते समाप्त कर विश्राम करें। दोपहर उपरांत तीन चार बजे ही दुबारा काम प्रारम्भ करें। अपने साथ पानी आवश्य रखें। हो सके तो पानी में ग्लूकोज या नीबू आदि का प्रयोग करें। यात्रियों के लिए भी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों से उपलब्ध टैंकर या कूलर टैंकर का जल पीएं। शरणांलायों में विश्राम कर ही यात्रा पुनर्प्रारम्भ करें। जिला आपदा विशेषज्ञ डा. प्रभाकर सिंह ने जनपद में किसी प्रकार से तापाघात के प्रभाव से बचाओ हेतु जिला आपदा कंट्रोल रूम में काल कर त्वरित मदद लेने हेतु अपील की है जिला आपदा कंट्रोल रूम के नम्बर 05192-285260 या ट्रोल फ्री नंबर 1077 पर काल कर त्वरित मदद पा सकते हैं।
UP TIMES NEWS
Author: UP TIMES NEWS

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