फरियादियों की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान को लेकर शनिवार को जिले की तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किए गए। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और संबंधित विभागों को समयसीमा के भीतर पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जनपद बाँदा के नरैनी तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अमित आसेरी और पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने संयुक्त रूप से जनसमस्याएं सुनीं। दोनों अधिकारियों ने फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता न हो। अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करें और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराएं। प्रत्येक शिकायत को निर्धारित समयसीमा में निस्तारित करने तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। भूमि विवाद, राजस्व प्रकरण और अन्य मामलों में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा गया। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव हो, उन्हें वहीं निस्तारित कराने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने पुलिस से संबंधित शिकायतों को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उधर, बबेरू तहसील में समाधान दिवस एसडीएम अवनीश त्यागी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। एसडीएम और सीओ कृष्णकांत त्रिपाठी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। यहां कुल 78 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें चार शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 9 की अध्यक्षता एसडीएम नवीन प्रसाद ने की। सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक और तहसीलदार ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और कई शिकायतों का तत्काल प्रभाव से निस्तारण कराया। शेष मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों की टीमें गठित कर मौके पर भेजी गईं। लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित राहत और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। मौके पर जांच कर कार्रवाई के निर्देश
अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में स्थलीय सत्यापन को प्राथमिकता दी जाए। राजस्व, पुलिस और अन्य विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत उपलब्ध कराएं।