जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय से मिले और लंबित प्रकरणों का प्रभावी निस्तारण हो, इसके लिए अधिकारियों को विकासखंडवार और योजनावार समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सोमवार को आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना समेत अन्य योजनाओं की विकासखंडवार समीक्षा की गई। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं, लंबित प्रकरणों और पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने में आने वाली बाधाओं की जानकारी ली गई।
आयुक्त अजीत कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना का विकासखंडवार और योजनावार गहन परीक्षण किया जाए। जिन मामलों में स्वीकृति, भुगतान, सत्यापन, भौतिक प्रगति या निर्माण कार्यों में बाधा है, उसका वास्तविक कारण चिन्हित कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पेंशन योजनाओं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। पोर्टल पर प्रगति दिखाने तक सीमित न रहे कार्रवाई
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकासखंड स्तर की समस्याओं को केवल उच्च स्तर पर भेजकर लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। संबंधित अधिकारी स्वयं प्रकरण की जांच कर समस्या का वास्तविक कारण और उसके समाधान की समय-सीमा तय करें। शासन स्तर या किसी अन्य विभाग से कार्रवाई अपेक्षित होने पर उसकी तथ्यात्मक आख्या उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावी अनुश्रवण कर समाधान कराया जा सके। उन्होंने शिकायतों और समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारीवार जवाबदेही तय करने तथा प्रत्येक मामले में की गई कार्रवाई का अभिलेखीकरण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का स्थलीय सत्यापन करने को कहा गया, ताकि केवल पोर्टल या अभिलेखों में प्रगति दर्शाकर औपचारिकता पूरी न हो। पारदर्शिता और पात्रता पर विशेष जोर
आयुक्त ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, पात्रता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। लाभार्थियों के चयन और भुगतान में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक के अंत में आयुक्त ने निर्देश दिए कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कर अनुपालन आख्या आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा पात्र लाभार्थियों को लाभ से वंचित रखने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में अपर आयुक्त अमरपाल सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।